अध्यात्म, संस्कृति, महान प्राचीन भारतीय संस्कृति श्री अयोध्या के मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के साथ ही उनके आत्म बालसखा महाराज गुह्यराज निषाद के प्रयागराज के पावन धरती पवित्र धर्मनगरी श्रृंगवेरपुर धाम की अलौकिक आभा गंगातट पर एक बार पुनः हजारों दीयों के प्रकाश से दीप्त की अनुभूति होगी।
इस अद्भुत, अप्रतिम अनुभव के लिए श्रृंगवेरपुर धाम पुनः तैयार हैं। आध्यात्मिकता और राष्ट्रीय आस्था का ऐसा प्रकाशमयी शृंगार जो जन-जन को हर प्रकार के अंधकार से लड़ने की प्रेरणा प्रदान करता है। ‘दीपोत्सव’ मानवीय मूल्यों के उत्थान का जनोत्सव है।
सद्भाव और समता के भाव का संगम है। दीपोत्सव, धर्म और सत्य की विजय की ऊर्जा से पूरित एक ‘महापर्व’ है।
पावन दीपोत्सव ‘आत्मनिर्भरता’, ‘सहयोग’ की भावना का संदेश है। आप सभी का इस ‘दीपोत्सव’ भारतीय दर्शन, दिव्य-भव्य-नव्य आयोजन में स्वागत है। आइए, इस पावन दीपोत्सव के अवसर पर एक ‘समर्थ, सशक्त और समृद्ध राष्ट्र और समाज के लिए संकल्पित हों।🪔
निषाद पार्टी की ओर से आपको और आपके परिवार को धनतेरस, दीवाली, भैया दूज की हार्दिक शुभकामनाएं। इस अवसर पर आप के प्यार, स्नेह और मार्गदर्शन के साथ कल 24 अक्टूबर शाम 5 बजे दीपोत्सव में श्रृंगवेरपुर धाम परिवार सहित अवश्य आएं।

