बीस दिन बाद भी सदर ब्लॉक मे मनरेगा घोटाले की नहीं हुईं जांच
महराजगंज,सदर ब्लाक के तरकुलवां गांव में वित्तीय वर्ष 2019-20 में “सौंरहा पोखरी का खुदाई कार्य” के नाम पर लगभग 38 लाख का फर्जी भुगतान हुआ है।
जिसमें 1770860 रुपये श्रमांश पर और 20 लाख रुपये ईंट व सीमेंट पर भुगतान किया गया है। मौके पर कोई काम हुआ ही नहीं है। कार्य का आईडी फारेस्ट विभाग से बना है तथा एफटीओ सदर ब्लॉक से हुआ है। जिसका भुगतान भी सदर ब्लाक द्वारा किया गया है। जिसकी शिकायत IGRS के माध्यम से किया गया था।
19/09/2022 को इसमें बिना जांच पड़ताल किए ही लिपापोती करते हुए मामले को निक्षेपित कर दिया गया। खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय सदर महराजगंज द्धारा लगाए गए रिपोर्ट में यह बताया गया है कि ग्राम पंचायत तरकुलवां नगर पालिका में शामिल हो गया है। लेकिन जब घोटाला हुआ तो तरकुलवां ग्राम पंचायत था।
घोटाले के बाद वह नगर पालिका महराजगंज में सम्मिलित हुआ है। जिस तरह से परतावल का बरियरवा टोला भी अब नगर पंचायत हो गया है। बरियरवां में मनरेगा में लाखों का फर्जी भुगतान किया गया था। जिसमें कई विभागीय लोगो पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
फर्जी निस्तारण पर शिकायतकर्ता ने पुन: असंतुष्ट का फीडबैक दर्ज किया और घोटाले की लिखित शिकायत 27 सितम्बर को मुख्य विकास अधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल से की। सीडीओ ने 29 सितम्बर को ही तीन सदस्यी टीम का गठन कर मामले की जांच करने का आदेश दिया है।
जांच टीम में राकेश कुमार पाण्डेय उपायुक्त स्वत: रोजगार, यावर अब्बास जिला पंचायत राज अधिकारी, गरिमा द्धिवेदी सहायक अभियंता लघु सिंचाई विभाग महराजगंज शामिल है।
जांच कमेटी गठीत होने के बाद से ही घोटाले में संलिप्त कर्मचारियों के होश उड़े हुए हैं। निष्पक्ष जांच हुई तो घोटाले में शामिल कई लोगो को जेल की हवा खानी पड़ेगी। जांच से बचने के लिए घोटालेबाज कर्मचारी अधिकारियों का गणेश परिक्रमा करना शुरू कर दिए हैं।

