प्रो. विजयन मंगलवार को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, आरोग्यधाम के संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान संकाय में ‘दस प्रौद्योगिकियां जो दुनिया बदल सकती हैं’ विषय पर विशिष्ट व्याख्यान दे रहे थे । सोसाइटी फॉर बायो टेक्नोलॉजी के अध्यक्ष एवं पांडिचेरी केंद्रीय विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. एडाथिल विजयन ने कहा कि वर्तमान दौर में हम सबका फोकस नए भारत के निर्माण पर है ।
नए भारत के निर्माण में टेक्नोलॉजी (प्रौद्योगिकी) की अहम भूमिका है
।
टेक्नोलॉजी का उन्नयन कर और इसके सही इस्तेमाल से नए भारत की तमाम आकांक्षाओं को पूरा किया जा सकता है ।
उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं का अनुमान लगते हुए उसके अनुरूप टेक्नोलॉजी पर ध्यान देना बहुत जरूरी है ।
यदि ऐसा नहीं किया गया तो भावी लक्ष्यों को प्राप्त कर पाना चुनौतीपूर्ण होगा ।
प्रो. विजयन ने बड़े रोचक तरीके से भविष्य में प्रयोग होने वाली कई प्रौद्योगिकियों की विस्तार से जानकारी दी ।
इसमें कृत्रिम पत्ती से बायो फ्यूल बनाने,
एमएफओ का प्रयोग कर वातावरण से पीने योग्य पानी बनाने,
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस,
मौसम और खेतीबाड़ी के लिए क्वांटम गणना व रोबोटिक्स का इस्तेमाल,
विभिन्न बीमारियों के इलाज में लिक्विड बॉयोप्सी,
हाइड्रोजन फ्यूल का उपयोग, मानव आहार हेतु प्रयोगशाला में मीट का उत्पादन आदि की जानकारी शामिल है ।
व्याख्यान कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल डॉ. अतुल वाजपेयी ने प्रो विजयन का स्वागत किया ।
संचालन मेडिकल बायोकेमेस्ट्री की समन्वयक डॉ. अनुपमा ओझा व आभार ज्ञापन संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान संकाय के डीन प्रो सुनील कुमार सिंह ने किया ।
इस अवसर पर महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव समेत फैकल्टी व छात्रों की उपस्थिति रही ।

