मोबाइल महंगा, रिचार्ज महंगा—फिर भी नेटवर्क बेदम! लुभावने ऑफरों के जाल में फंस रहे उपभोक्ता
*गांव-गांव छतरियां लगाकर सिम बेचने का खेल, बेहतर नेटवर्क का दावा हवा-हवाई—सरकारी निगरानी पर उठे सवाल*
महराजगंज। मोबाइल फोन की कीमतों के साथ रिचार्ज प्लान लगातार महंगे हो रहे हैं।
बाजार में तमाम सिम कंपनियां और उनके आकर्षक ऑफर मौजूद हैं। कंपनियों की ओर से ग्राहकों को बेहतर नेटवर्क, सस्ती दरों और कई तरह के लुभावने प्लान का भरोसा दिया जाता है।
लेकिन जमीनी हकीकत में अनेक उपभोक्ता आज भी बेहतर नेटवर्किंग व्यवस्था के लिए परेशान हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी चिंताजनक नजर आती है। गांव-गांव और चौराहों पर अस्थायी काउंटर अथवा छतरी लगाकर सिम बेचने वाले उपभोक्ताओं को तरह-तरह के ऑफर बताकर नए सिम लेने के लिए आकर्षित कर रहे हैं।
कई लोग बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद में बार-बार सिम बदल रहे हैं।
लेकिन कुछ समय बाद फिर वही नेटवर्क की समस्या सामने आ जाती है।
उपभोक्ताओं का सवाल है कि जब मोबाइल रिचार्ज लगातार महंगे किए जा रहे हैं और कंपनियां नए-नए प्लान व ऑफर पेश कर रही हैं।
तो नेटवर्क की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार क्यों नहीं हो रहा है?
ग्रामीण इलाकों में कमजोर नेटवर्क, कॉल ड्रॉप और इंटरनेट की धीमी गति जैसी समस्याएं आज भी आम हैं।
जानकारों का मानना है कि केवल आकर्षक ऑफर देकर उपभोक्ताओं को सिम बदलने के लिए प्रेरित करने के बजाय कंपनियों को नेटवर्क की गुणवत्ता और सेवा की विश्वसनीयता पर ध्यान देना चाहिए।
वहीं, उपभोक्ताओं को भी किसी ऑफर के झांसे में आने से पहले कंपनी की सेवा, नेटवर्क कवरेज और नियम-शर्तों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।
यदि सिम कंपनियों की प्रचार व्यवस्था, ऑफरों और नेटवर्क संबंधी दावों की प्रभावी निगरानी नहीं की गई तो आने वाले समय में उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ सकती है।
सरकार और संबंधित नियामक संस्थाओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि कंपनियां उपभोक्ताओं को स्पष्ट और वास्तविक जानकारी दें तथा नेटवर्क सेवा के निर्धारित मानकों का पालन करें।
सवाल यह है कि बढ़ते रिचार्ज और बढ़ते ऑफरों के बीच उपभोक्ताओं को आखिर कब मिलेगा भरोसेमंद नेटवर्क।

