*महानगर के सुनियोजित विकास की दिशा में बड़ा कदम*
*जीडीए की 16 कालोनियां नगर निगम को हस्तांतरित, बेहतर सुविधाओं व सुदृढ़ प्रबंधन का मार्ग प्रशस्त*
गोरखपुर। महानगर के समग्र और सुनियोजित विकास की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा निर्मित 16 कालोनियों का औपचारिक रूप से गोरखपुर नगर निगम को हस्तांतरण किया गया।
इस निर्णय से संबंधित क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं के विस्तार, नियमित रख-रखाव और प्रभावी शहरी प्रबंधन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
हस्तांतरण कार्यक्रम के दौरान महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, जीडीए के उपाध्यक्ष आनंद वर्धन, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, नगर निगम एवं जीडीए के अधिकारीगण तथा जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
सभी ने इस पहल को महानगर के सुव्यवस्थित विकास की दिशा में मील का पत्थर बताया।
अधिकारियों ने बताया कि अब इन 16 कालोनियों में सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई, पेयजल, सीवर व्यवस्था और अन्य मूलभूत नागरिक सुविधाओं का संचालन व रख-रखाव नगर निगम द्वारा किया जाएगा।
इससे कार्यों में समन्वय बढ़ेगा और शिकायतों के त्वरित निस्तारण में भी आसानी होगी।
स्थानीय निवासियों को एक ही निकाय के माध्यम से सभी शहरी सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी, जिससे प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगी।
महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाना है।
नई कालोनियों के जुड़ने से जिम्मेदारियां बढ़ी हैं, लेकिन निगम पूरी प्रतिबद्धता के साथ नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है।
उन्होंने कहा कि जनसहभागिता के माध्यम से गोरखपुर को आदर्श महानगर बनाने का संकल्प निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा।
जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्धन ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा विकसित कालोनियों को नगर निगम को सौंपना एक सुविचारित प्रशासनिक कदम है, जिससे विकास कार्यों में एकरूपता आएगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा।
कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने समन्वय, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ महानगर के विकास को गति देने का संकल्प दोहराया।
इस पहल को गोरखपुर के शहरी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

