होमगार्ड पति के सामने झुक गई तलाकशुदा IPS पत्नी, वजह जानकर पूरा थाना हैरान रह गया!
शहर का ‘सिविल लाइन्स’ थाना हमेशा की तरह हलचल में था। दोपहर का समय था, सायरन बजाती हुई एक चमचमाती काली एसयूवी थाने के द्वार पर रुकी।
गाड़ी पर लगे नीले प्रकाश और ‘जिला पुलिस अधीक्षक’ (SP) की पट्टी ने सिपाहियों को मुस्तैद कर दिया।
गाड़ी से बाहर निकलीं जिले की नई एसपी, अवनि शर्मा (IPS)। खाकी वर्दी की कड़क, कंधों पर तीन सितारे और चेहरे पर वह कठोरता जिसने बड़े-बड़े अपराधियों के पसीने छुड़ा दिए थे।
जैसे ही अवनि अंदर कदम रखने वाली थीं, मुख्य द्वार पर तैनात एक होमगार्ड ने उन्हें ‘सलाम’ ठोका।
होमगार्ड की वर्दी थोड़ी पुरानी थी…..
लेकिन उसकी पीठ सीधी थी।
अवनि अचानक रुक गईं।
उनकी नज़रें उस होमगार्ड के चेहरे पर टिक गईं।
थाने के मुंशी और अन्य अधिकारी सन्न रह गए।
सबको लगा कि शायद होमगार्ड की वर्दी में कोई कमी है या उसने सलाम ठीक से नहीं किया।
लेकिन अगले ही पल जो हुआ……
उसने इतिहास बदल दिया।
ज़िले की सबसे शक्तिशाली महिला अधिकारी की आँखों में आँसू भर आए।
उन्होंने अपने हाथ जोड़े और उस होमगार्ड के सामने झुक गईं।
थाने में ऐसा सन्नाटा छा गया कि घड़ी की टिक-टिक भी हथौड़े जैसी लगने लगी।
अवनि ने कांपती आवाज़ में कहा…..
“राघव… तुम?
यहाँ?
इस हाल में?”
अवनि और राघव की शादी आठ साल पहले एक छोटे से गांव में हुई थी।
राघव एक मेधावी छात्र था…..
लेकिन उसके घर की स्थिति ठीक नहीं थी।
अवनि का सपना हमेशा से आईपीएस बनने का था।
राघव ने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया।
उसने दिन में मजदूरी की और रात में अवनि को पढ़ाया।
अवनि की किताबों……
कोचिंग की फीस और दिल्ली के खर्च के लिए राघव ने अपनी पुश्तैनी ज़मीन तक बेच दी।
अवनि सफल हुई।
वह आईपीएस बनी।
लेकिन सफलता अपने साथ अहंकार का ज़हर भी लाई।
मसूरी की ट्रेनिंग और लक्जरी लाइफस्टाइल ने अवनि को बदल दिया।
उसे राघव की सादगी……
उसके खुरदुरे हाथ और उसकी साधारण बातचीत ‘शर्मिंदगी’ लगने लगी।
चार साल पहले……
अवनि ने अपनी पावर के नशे में राघव से कहा था…..
“राघव……
तुम मेरे स्तर (status) के लायक नहीं हो।
लोग पूछते हैं कि मेरा पति क्या करता है……
तो मैं उन्हें एक अनपढ़ मजदूर नहीं बता सकती। मुझे तलाक चाहिए।”
राघव ने कोई बहस नहीं की।
उसने चुपचाप तलाक के कागजों पर हस्ताक्षर किए और अपना छोटा सा झोला लेकर गायब हो गया।
अवनि को लगा कि उसने अपने बोझ से मुक्ति पा ली है।

