*ट्रैक पर पेड़ गिरने से 11 घंटे कैंट में खड़ी रही चौरीचौरा, कई यात्री घर लौटे*
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*अमूल्यरत्न न्यूज़ मंडल संवाददाता गोरखपुर की रिपोर्ट*
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*10 घंटे की मशक्कत के बाद 10:30 बजे ट्रैक से हटाया गया पेड़*
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*कई यात्री ट्रेन चलती न देख यात्रा समाप्त कर वापस चले गए घर*
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*गोरखपुर*/गोरखपुर छावनी और कुसम्ही स्टेशन के बीच ट्रैक पर पेड़ गिर जाने से गोरखपुर-वाराणसी रूट पर ट्रेनों का संचलन बुरी तरह से प्रभावित हो गया। सोमवार की रात ट्रैक पर पेड़ गिरने से रात में गोरखपुर से प्रयागराज होते हुए अनवरगंज तक जाने वाली चौरी चौरा पूरी रात कैंट स्टेशन पर ही खड़ी रही।
मंगलवार को दिन में 11 बजे पेड़ हटाए जाने के बाद ट्रेनें बिहार और वाराणसी को ओर रवाना हुई। कैंट में पूरी रात चौरीचौरा स्पेशल के रुके रहने से यात्रियों को काफी असुविधा हुई। टू-एस कोच में बैठे कई यात्री ट्रेन चलती न देख कैंट में ही अपनी यात्रा समाप्त कर घर वापस चले गए। इस दौरान छपरा-नौतनवा, छपरा-मथुरा, कटिहार-अमृतसर और नई दिल्ली-सहरसा स्पेशल सहित आधा दर्जन ट्रेनें कप्तानगंज रूट से चलाई गईं। दादर, कृषक, मौर्य और वैशाली आदि दर्जन भर गाड़ियां पांच से छह घंटे लेट हुईं। सीवान-गोरखपुर पैसेंजर ट्रेन देवरिया में ही रोक दी गई।
पेड़ गिरने की सूचना पर रेलवे की बचाव टीम रात 12 बजे कुसम्ही पहुंच गई लेकिन रात में अंधेरा होने की वजह से पेड़ हटाने में असुविधा हो रही थी। इस दौरान गोरखपुर से जाने वाली कुछ ट्रेनों को पनियहवा डायवर्ट कर दिया लेकिन आंधी की वजह से उस रूट पर भी पेड़ गिरने से वह रूट भी ब्लॉक हो गया था। करीब 10 घंटे की मशक्कत के बाद 10:30 बजे ट्रैक से पेड़ को हटाया गया जिसके बाद ट्रेनों का संचलन शुरू हो सका।
संचालन ठप होने से परेशान हुए यात्री : ट्रेनों का संचालन ठप होने से यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। ट्रेनों के विलंबित होने से हजारों यात्री समय से अपने गतव्य पर नहीं पहुंच सके। दर्जनों यात्रियों ने अपनी यात्रा निरस्त कर दी। वे कैंट से वापस घर लौट आए। जानकारों के अनुसार रेल लाइन पर पेड़ गिरने की सूचना तो रात 12 बजे के आसपास ही मिल गई। लेकिन अंधेरा होने के चलते उसे हटाया नहीं जा सका। हालांकि, छपरा जाने वाली अधिकतर ट्रेनों को कप्तानगंज रूट से चलाया गया। लेकिन वाराणसी रूट पर चलने वाली ट्रेनें खड़ी ही रहीं।
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*चौरी चौरा में रात भर बैठा रहा परिवार, सुबह वापस चला गया घर*
चौरी चौरा स्टेशन पर संजय सिंह अपने परिवार के साथ विंध्याचल जाने के लिए चौरी चौरा स्पेशल का इंतजार कर रहे थे। पूरी रात वह ट्रेन का इंतजार करते रहे लेकिन ट्रेन के सुबह 9 बजे तक भी न आने से संजय सपिरवार वापस घर लौट गए। इस दौरान उन्होंने रेलवे के प्रति नाराजगी जताई। संजय सिंह ने बताया कि काफी समय से पूरे परिवार ने विंध्याचल माता के दर्शन के लिए तैयारी कर रखी थी। हमारे घर के आठ लोगों को आरक्षण था, सभी लोग 11 बजे स्टेशन पहुंच गए। ट्रेन के लेट होने पर कोई कुछ साफ बता भी नहीं रहा था। हमारा पूरा परिवार रातभर स्टेशन पर बैठा रहा और थकहार कर सुबह छह बजे सभी घर वापस आ गए।
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*लगा सारनाथ आ गया, ट्रेन से उतरा तो कैंट में था*
वाराणसी जाने के लिए चौरी चौरा स्पेशल में सोमवार की रात 10:30 बजे सवार हुए लालजी ने बताया कि वह खाना खाकर अपनी ऊपर की बर्थ पर सोने चले गए। गोरखपुर से ट्रेन चली तो नींद आ गई। सुबह पांच नींद खुली तो यात्रियों के आपस में बात करने की आवाज आ रही थी। मुझे लगा कैंट आ गया, नीचे उतर कर देखा तो ट्रेन कैंट में खड़ी थी। यह देख तो मैं सहम गया। कोच में गया अपना बैग उठाया और चौरी चौरा स्टेशन से गोरखपुर अपने घर आ गया।
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*ये ट्रेनें हुईं प्रभावित*
– कानपुर अनवरगंज से 19 अक्टूबर को प्रस्थान करने वाली 05003 कानपुर अनवरगंज-गोरखपुर स्पेशल बनारस से चलाई गई।
– सीवान से 19 अक्टूबर को प्रस्थान करने वाली 05141 सीवान-गोरखपुर स्पेशल को चौरीचौरा में शार्ट-टर्मिनेट किया गया।
*मार्ग परिवर्तन*
– 01662 आनन्द विहार टर्मिनस-सहरसा स्पेशल परिवर्तित मार्ग। गोरखपुर-कप्तानगंज-थावे-सीवान के रास्ते चलाई गई।
– 05910 लालगढ़-डिब्रूगढ़ स्पेशल परिवर्तित मार्ग। गोरखपुर-कप्तानगंज-थावे-सीवान के रास्ते चलाई गई।
– 04185 ग्वालियर-बरौनी स्पेशल परिवर्तित मार्ग। गोरखपुर-कप्तानगंज-थावे-सीवान के रास्ते चलाई गई।
– 02566 नई दिल्ली-दरभंगा स्पेशल परिवर्तित मार्ग। गोरखपुर-कप्तानगंज-थावे-सीवान के रास्ते चलाई गई।
– 02521 बरौनी-एर्नाकुलम स्पेशल परिवर्तित मार्ग। सीवान-थावे-कप्तानगंज-गोरखपुर के रास्ते चलाई गई।
– 05047 कोलकाता-गोरखपुर स्पेशल परिवर्तित मार्ग। सीवान-थावे-कप्तानगंज-गोरखपुर के रास्ते चलाई गई।
– 02570 नई दिल्ली-दरभंगा स्पेशल परिवर्तित मार्ग गोरखपुर-कप्तानगंज-थावे-सीवान के रास्ते चलाई गई।
– 02564 नई दिल्ली-सहरसा स्पेशल परिवर्तित मार्ग गोरखपुर-कप्तानगंज-थावे-सीवान के रास्ते चलाई गई।