जो गज़नी गौरी बाबर अकबर औरंगज़ेब नहीं कर सका, वो काम बद्रिकाश्रम का चोर करेगा….
बद्रिकाश्रम के चोर उर्फ उमाशंकर उर्फ अविमुक्तेश्वरानंद उर्फ कांग्रेसाचार्य उर्फ नकली शंकराचार्य ने धमकी दी है कि, अगले साल वो माघ मेला नहीं होने देगा।
उल्लेखनीय है कि, हिंदुओं के तीर्थराज के रूप में विश्वप्रसिद्ध प्रयागराज में कुंभ के बाद दूसरा सबसे पवित्र, प्रसिद्ध और विशाल धार्मिक आयोजन है “माघ मेला”। यह प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है। हजारों वर्ष से यह आयोजन होता आ रहा है। मुगलों और अंग्रेजों के समय भी इसके आयोजन में किसी व्यवधान का विवरण नहीं मिलता। लेकिन जो काम मुगल और अंग्रेज नहीं कर सके उसे करने की कोशिश अब शंकराचार्य के भेष में बद्रिकाश्रम का चोर, कांग्रेसी गुर्गा उमाशंकर कर रहा है…
एक अत्यंत सामान्य सी जांच हो जाए तो ये तत्काल जेल चला जाएगा… बस इसकी जांच हो जाए…. जो अब बहुत जरूरी है।
ज्ञात रहे कि, फिल्मस्टारों द्वारा प्रयोग की जाने वाली डेढ़ से पांच करोड़ कीमत तक की वैनिटी वैन लेकर प्रयागराज पहुंचा है उमाशंकर। इतना और जान लीजिए कि, शेष तीनों शंकराचार्यों समेत माघ मेले में पहुंचे 5 करोड़ श्रद्धालुओं में से एक भी साधु या श्रद्धालु वैनिटी वैन लेकर माघ मेले में नहीं पहुंचे।
करोड़ों की वैनिटी वैन के अलावा, पुलिस का गिरेबान पकड़कर मुक्के बरसाने वाले लगभग 200 गुंडों की फौज़ भी अपने साथ लेकर पहुंचा है उमाशंकर।
विशेष उल्लेखनीय यह है कि, इस उमाशंकर को शंकराचार्य मानने से देश का सर्वोच्च न्यायालय स्पष्ट इनकार कर चुका है और शंकराचार्य के रूप में इसकी नियुक्ति पर भी स्पष्ट रोक लगा चुका है। यह रोक 16 सितंबर 2022 से लगी हुई है।
उपरोक्त रोक का सीधा अर्थ यह है कि, यह उस बद्रिकाश्रम के बैंक एकाउंट को यह छू नहीं सकता, उससे एक पैसा नहीं निकाल सकता। बद्रिकाश्रम को मिलने वाले धन से एक रुपया नहीं ले सकता।
अतः गंभीर सवाल यह है कि, ढाई से पांच करोड़ तक की वैनिटी वैन इसने कहां से ली, 200 गुंडों की फौज़ का खर्च कहां से उठा रहा है।
यदि इसे कोई बाहरी व्यक्ति दान दे रहा है तो वो व्यक्ति कौन है, इसकी सूचना इसने इनकम टैक्स विभाग को दी है या नहीं? क्योंकि यह खुलेआम 370 को पुनः कश्मीर में लागू करने की पाकिस्तानी मांग कर रहा है, इसलिए पाकिस्तान के साथ इसके संबंधों की जांच होनी चाहिए तथा यह भी जांच हो कि, क्या पाकिस्तानी आईएसआई हवाला के जरिए इसकी फंडिंग कर रही है? इसलिए इसे जो भी दान दे रहा है, उसकी भी जांच एजेंसियां करें। यह जांच होते ही बद्रिकाश्रम का चोर ये कांग्रेसाचार्य तत्काल जेल पहुंच जाएगा…
सतिश चंद्र मिश्र की लेखनी से…..….

