जिस महिला ने पूरी जिंदगी भर दूसरों की आंखों की रोशनी लौटाई, जिसने दूसरों के जीवन के अंधेरों को दूर करके प्रकाश फैलाया, किस्मत ने उसके साथ बहुत गंदा खेल खेला। आज उसकी जिंदगी अंधेरे में है।
जबलपुर की रहने वाली डॉक्टर हेमलता आंखों की विशेषज्ञ है। 2022 में उनका बेटा जो कि खुद एक डॉक्टर था, उसकी मौत हो गई। वह समय हेमलता के जीवन का सबसे बुरा दौर था।
बेटे की मौत के बाद खुद को संभालते हुए 2025 तक पहुंची तभी डॉक्टर पति का भी निधन हो गया। अब डॉक्टर हेमलता अपने जीवन में पूरी तरीके से अकेली थी। तभी उनकी छोटी बहन और जीजा उनका सहारा देने के नाम पर उनके साथ रहने आते हैं।
लेकिन उनकी निगाह तो डॉक्टर की 60 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी पर थी। आरोप लगे हैं कि बहन और जीजा नाम मात्र का खाना देते थे। और दिन भर में सिर्फ तीन चम्मच पानी पिलाया जाता था। एक कड़वी चाय भी दी जाती थी। और इन्होंने ही डॉक्टर को बंधक बनाया था।
15 जनवरी को डॉक्टर हेमलता ने शिकायत दी कि उन्हें किसी से मिलने नहीं दिया जाता है। साथ ही साथ 22 जनवरी को उन्हें रजिस्ट्री ऑफिस ले जाकर कुछ जमीन गायत्री के नाम रजिस्ट्री करवाई गई। जिसे वह साफ इंकार करती है। इस मामले में गंभीरता से जांच होनी बाकी है।
लेकिन असलियत तो यही है कि रिश्तो का खेल भी सिर्फ पैसे पर टिका होता है।
जिनके पास पैसा उनके पास ढेर सारे रिश्ते।
जिनके पास कोई पैसा नहीं उनको कोई पूछने वाला नहीं।

