घुघली क्षेत्र के ग्राम पंचायत ढेकहीं में सोशल मीडिया पर हो रहे मनरेगा घोटाला का सच
ग्राम पंचायत ढेकही में सिल्ट सफाई के मामले में मजदूरों ने एक स्वर में दिया बयान

महराजगंज,घुघली क्षेत्र के ग्राम पंचायत ढेकही में मनरेगा मजदूरों द्वारा ही माइनर सिल्ट सफाई का कार्य किया गया है। बीते दिनों सोशल मीडिया पर हो रहे वायरल समाचार का सच जानने के लिए पत्रकारों की एक टीम बुधवार को ग्राम पंचायत ढेकही गांव में पहुंची। जहां मनरेगा मजदूरों ने एक स्वर में हल्ला बोल कर बताया कि रामनाथ की दुकान से राम उग्रह यादव के खेत तक व संजय के खेत से दुर्गा मंदिर पवन के खेत तक सिल्ट सफाई का संपूर्ण कार्य ग्राम सभा के मनरेगा मजदूरों द्वारा ही किया गया है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सिचाई विभाग द्वारा जेसीबी से कार्य जरूर कराया गया है परंतु ग्राम पंचायत ढेकही के क्षेत्र में मनरेगा मजदूर ही कार्य किए हैं। ढेकही गांव के परिक्षेत्र में पड़ने वाले माइनर पर घनी झाड़ी-झंकार एवं सिल्ट से पूरी माइनर पट चुकी थी। जिससे किसानों को सिंचाई कार्य करने में काफी असुविधा हो रही था। अन्य गांव के परिक्षेत्र की तुलना में ढेकहीं गांव का परिक्षेत्र पूरी तरह झाड़-झंकार एवं सिल्ट से पट चुका था। कोरोना काल के चलते ग्राम सभा में मजदूरों द्वारा लगातार कार्य की मांग की जा रही थी। ग्राम पंचायत के मजदूरों के कार्य मांग व जनहित को देखते हुए उपरोक्त कार्य को कराया गया है।जबकि शिकायतकर्ता सुमंत मौर्या द्वारा कहा जा रहा है कि ग्राम पंचायत द्वारा कार्य नहीं कराया गया है। पडताल के दौरान मौके पर मनरेगा मजदूर राम उग्रह यादव, हरिश्चंद्र, जड़ावती, मायादेवी, पुष्पावती, रामप्यारे प्रजापति, रामअधार गौड़, रामाश्रय, सुभावती सहित दर्जनों मनरेगा मजदूरों ने कहा कि हम लोगों द्वारा ही सिल्ट सफाई का कार्य किया गया है। और उसका पैसा भी खाते के माध्यम से प्राप्त हुआ है।
ग्राम प्रधान नागेश्वर मिश्र ने बताया कि यह मामला राजनीति से प्रेरित है जनहित एवं मनरेगा मजदूरों के कार्य मांग को देखते हुए उपरोक्त कार्य को कराया गया है शिकायतकर्ता की पूरी शिकायत मनगढ़ंत व निराधार है।
नागेश्वर मिश्र
ग्राम प्रधान ने ढेकही

