पनियरा से कांग्रेस प्रत्याशी की घोषणा से पार्टी के अंदरखाने मचा बवाल, कार्यकर्ताओं में रोष
*महराजगंज।पनियरा* विधानसभा सीट पूर्व मुख्यमंत्री वीरबहादुर सिंह के नाते प्रतिष्ठित सीट में सुमार रहता है। जब भी चुनावों का दौर आता है सहसा कांग्रेस से मुख्यमंत्री रहे स्व वीरबहादुर सिंह की चर्चा लोगों के जुबां पर आ ही जाती है! उन्होंने 6 बार पनियरा विधानसभा से नुमाइंदगी की। आज लंबा अरसा बीत गया,जहाँ 32 सालों से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नही आई ठीक उसी तरह तीन दशक से भी अधिक समय हो गया पनियरा की विधानसभा सीट कांग्रेस के खाते में नही आ पाई। यद्यपि 2012 और 2017 के चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन यहाँ कुछ हद तक ठीक रहा। इन चुनावों में कांग्रेस की तलत अजीज ने कमोवेश वोट आफ परसेंटेज को अच्छा जरूर किया। 2022 के लिए तलत ने चुनाव से किनारा कस लिया है। पनियरा सीट पर गौर करें तो यह सीट ब्राह्मणों,ठाकुरों और कुर्मी/सैंथवार खाते में ही आती रही। कांग्रेस,सपा, बसपा,भाजपा सभी ने अपने अपने विधायक यहां से जरूर जिताए पर एक मिथक इस विधानसभा में आजतक नही टूट पाया है और वह है कि अल्पसंख्यक कोटे में कभी भी यह सीट जीत सुनिश्चित नही कर पाई।
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*कैसे होगा पंजा मजबूत,जब चयन में ही नही दिखाई गई ईमानदारी व पार्टी के प्रति निष्ठा *
*पार्टी ने दिया है शरदेंदु पाण्डेय को टिकट!पूर्व प्रदेश प्रवक्ता अमित कुमार तिवारी,गोपाल शाही एवं राकेश गुप्ता जैसे समर्पित,योग्य व दिग्गज पार्टी उम्मीदवार को कर दिया गया दरकिनार *
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मौजूदा 2022 के चुनाव में कांग्रेस यहां फिर से कमजोर साबित हो रही है। पार्टी ने शरदेंदु कुमार पांडेय को यहां से अपना उम्मीदवार बनाया है। उनके उम्मीदवार बनते ही अंदरखाने में उनका घोर विरोध भी शुरू हो गया। बीते रविवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव राजेश तिवारी ने जिला कांग्रेस कार्यालय पर कार्यकर्ताओं एवम आवेदकों से मुलाकात की। सूत्रों की माने तो जिले की घोषित तीन विधानसभाओं महराजगंज, फरेंदा और पनियरा को लेकर कार्यकर्ताओं, नेताओ ने अपनी अपनी बात राष्ट्रीय सचिव के पास रखी। पनियरा विधानसभा को लेकर सभी ने आपत्ति दर्ज कराई व टिकट चेंज करने की मांग की। पार्टी से कोई नेता फिलहाल कुछ बोलने को तैयार नहीं था पर इतना जरूर है पनियरा विधानसभा को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। यहां से शरदेंदु कुमार पांडेय के अलावे गोपाल शाही, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता अमित कुमार तिवारी और राकेश गुप्ता प्रमुख दावेदार थे। गोपाल शाही व अमित कुमार तिवारी 2012 से ही टिकेट के लिए प्रयासरत रहे पर उन्हें इस बार भी टिकट हासिल नही हुआ। कुछ नए चेहरों ने भी यहां से अपनी दावेदारी की थी।
सपा, बसपा एवम भाजपा ने इस सीट पर अभी अपनी उम्मीदवारी नही दी है। कांग्रेस ने टिकट तो जारी कर दिया पर उसके उम्मीदवार की राह अभी से जटिल होती जा रही है। विरोध के स्वर तेज हो रहे है और तमाम सारे आवेदक और कार्यकर्ता पार्टी नेतृत्व से कैंडिडेट चेंज करने की बात कर रहे हैं।

