नाली बंद होने से बढ़ा जलभराव का संकट, ग्रामीणों ने खोला मोर्चा—“बरसात में आ सकती है बड़ी आफत”
महराजगंज,घुघली ब्लॉक के ग्राम सभा भुवनी मंठ में जल निकासी की समस्या अब गंभीर रूप लेती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों द्वारा प्राकृतिक जल बहाव के रास्ते को बंद कर दिया गया है, जिससे पूरे गांव में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
बताया जा रहा है कि पहले गांव का पानी दो दिशाओं में बहता था—एक हिस्सा दूसरी ओर निकल जाता था, जबकि दूसरा हिस्सा बड़ी पोखरी में चला जाता था। लेकिन अब रास्ता अवरुद्ध होने के कारण पानी की निकासी बाधित हो गई है। इसका सीधा असर गांव की साफ-सफाई और जनजीवन पर पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बीते वर्ष की बरसात में ही यह स्पष्ट हो गया था कि यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले समय में हालात और भयावह हो सकते हैं। जलभराव के कारण न सिर्फ रास्ते बाधित होते हैं, बल्कि बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
स्थानीय निवासियों ने कई बार ग्राम सभा के प्रतिनिधियों से इस मुद्दे को उठाया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। इससे नाराज ग्रामीण अब प्रशासन से सीधे हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
एक जागरूक ग्रामीण ने कहा, “हमने कई बार शिकायत की, लेकिन जब सुनवाई नहीं हुई तो अब हम आगे की प्रक्रिया अपनाएंगे। यह सिर्फ सुविधा का मामला नहीं, बल्कि पूरे गांव की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।”
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जल निकासी की व्यवस्था बहाल नहीं की गई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
*ग्रामीणों की मांग:*
बंद किए गए जल मार्ग को तत्काल खोला जाए।
नालियों की समुचित सफाई और निर्माण कराया जाए।
जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो।
भुवनी मंठ की यह समस्या सिर्फ एक गांव की नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में अव्यवस्थित जल निकासी की बड़ी तस्वीर को भी दर्शाती है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेता है।

