फैजाबाद बार एसोसिएशन का बड़ा निर्णय: वकालतनामा अब 500 रुपये, सहायता राशि बढ़ी; 3.5 करोड़ से अधिक का वार्षिक बजट पेश
अयोध्याधाम ================
फैजाबाद बार एसोसिएशन की सामान्य सदन की महत्वपूर्ण बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए। सबसे प्रमुख निर्णय वकालतनामा शुल्क को 500 रुपये करने का रहा। बृहस्पतिवार को हुई इस बैठक में वर्ष 2026 के लिए साढ़े तीन करोड़ से अधिक का अनुमानित वार्षिक बजट भी प्रस्तुत किया गया।
अधिवक्ताओं की मृत्यु के बाद बार की ओर से दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि 5 लाख से बढ़ाकर 7 लाख रुपये कर दी गई है। वहीं अधिवक्ताओं की बेटियों के विवाह में दी जाने वाली कन्या धन राशि 25 हजार रुपये कर दी गई। अधिवक्ता चैंबर शुल्क को प्रतिमाह 100 रुपये करने का प्रस्ताव भी पारित हुआ।
वित्तीय वर्ष जनवरी–दिसंबर 2026 के लिए 80,68,596 रुपये के मुनाफे वाले बजट को विरोध और शोर-शराबे के बावजूद सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई। इससे एक दिन पहले आचार्य नरेंद्र देव सभागार के लिए कुर्सी, मेज़, डायस और फाइबर कुर्सियों की खरीद का बजट भी पास किया जा चुका था।
बैठक की अध्यक्षता बार एसोसिएशन अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने की। महामंत्री और कोषाध्यक्ष ने 4,35,26,600 रुपये की आय और 3,54,58,104 रुपये के व्यय का बजट पेश किया।
22 कार्ययोजनाओं पर चर्चा, कुछ प्रस्तावों पर हंगामा

बैठक में प्रस्तावित 22 कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। वकालतनामा शुल्क 200 रुपये बढ़ाने के प्रस्ताव पर कई अधिवक्ताओं ने नाराज़गी जताई। इसी दौरान चंदा राशि 25 रुपये बढ़ाकर 100 रुपये करने का सुझाव भी आया।
कचहरी परिसर की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पूरे परिसर में अधिक CCTV कैमरे लगाने और उनके संचालन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रस्ताव बजट में शामिल किया गया।
लाइब्रेरी में सुधार के प्रस्ताव पारित
लाइब्रेरी में नई पुस्तकों की खरीद, बंद पड़े जनरल की पूर्ति और पुरानी पुस्तकों की बाइंडिंग कराने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। वहीं अधिवक्ताओं की पेंशन योजना पर सहमति न बनने के कारण वह प्रस्ताव रद्द कर दिया गया।
बैठक देर शाम तक चली, जिसमें पूर्व अध्यक्ष संजीव दुबे, अरविंद सिंह, विजय बहादुर सिंह, सूर्य नारायण सिंह, पूर्व उपाध्यक्ष सौरभ मिश्रा, सुनील सिंह और पूर्व मंत्री मंसूर इलाही सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता उपस्थित रहे।

