राममय होगा बुंदेलखंड विश्वविद्यालय: अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में जुटेंगे 10 देशों के दिग्गज विद्वान्
झाँसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग, महिला अध्ययन केंद्र एवं उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 23 व 24 फरवरी को विश्वविद्यालय परिसर राममय नजर आएगा। ‘बुंदेलखंड के साहित्य, समाज और संस्कृति में श्रीराम’ विषय पर आयोजित होने वाली दो-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
इस महाकुंभ में भारत सहित दुनिया के 10 देशों के दिग्गज विद्वान श्रीराम के आदर्शों और बुंदेली संस्कृति के अंतर्संबंधों पर मंथन करेंगे।
संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में तमिलनाडु के पूर्व पुलिस महानिदेशक एवं कुख्यात दस्यु वीरप्पन के विरुद्ध सफल अभियान का नेतृत्व करने वाले पद्मश्री विजय कुमार उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय करेंगे। सत्र के मुख्य आकर्षण एवं बीज वक्ता भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतरराष्ट्रीय विद्वान तथा शंकराचार्य परिषद के राष्ट्रीय पार्षद डॉ. विद्यासागर उपाध्याय होंगे, जो अपनी विशिष्ट शैली में श्रीराम के आदर्शों की वैश्विक प्रासंगिकता पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे।
आयोजन सचिव एवं कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. पुनीत बिसारिया ने बताया कि इस वैचारिक समागम में बुल्गारिया से डॉ. मीना कौशिक, ऑस्ट्रेलिया से डॉ. भावना कुँअर, नेपाल से डॉ. श्वेता दीप्ति और नीदरलैंड से डॉ. ऋतु शर्मा नन्दन पाण्डेय अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इसके अतिरिक्त कुवैत, दुबई, न्यूज़ीलैंड और सूरीनाम के प्रतिनिधि भी ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से परिचर्चा का हिस्सा बनेंगे।
संगोष्ठी में विभिन्न सत्रों के दौरान लगभग 300 शोध पत्रों का वाचन किया जाएगा।
जो बुंदेलखंड की लोकगाथाओं में रचे-बसे राम के स्वरूप को उजागर करेंगे।
कार्यक्रम में नार्वे से पधारे डॉ. शरद आलोक सारस्वत अतिथि के रूप में, जबकि रामायण केंद्र भोपाल के निदेशक प्रो. राजेश श्रीवास्तव और उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान की संपादक डॉ. अमिता दुबे विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगी।
इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन को भव्य स्वरूप देने के लिए कुलसचिव श्री ज्ञानेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी श्री प्रमोद कुमार सिंह और परीक्षा नियंत्रक श्री राज बहादुर निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

