दूल्हा पानी पड़ते ही कांपने लगा, शादी टूटी:
सुल्तानपुर में दूल्हन के पिता बोले- सहारा देकर मंडप तक लाए थे, लड़के को बीमारी
सुल्तानपुर में दूल्हे की हरकतों को देखकर लड़की वालों ने शादी तोड़ दी।
दूल्हा मंडप में डगमगा रहा था।
दुल्हन के भाइयों ने सहारा देकर उसे बिठाया। लेकिन उसके चेहरे पर सुस्ती थी।
इसके बाद ससुर ने पांव पखारने की रस्में शुरू कीं तो वह कांपने लगा।
यह देख लड़की वाले भड़क गए।
पहले तो उन्हें दूल्हे के नशे में होने का शक हुआ।
बाद में दूल्हे के पास से दवा का एक पत्ता भी मिला।
दुल्हन के परिवार वालों ने दूल्हे को बीमार बताकर बाकी शादी रुकवा दी।
सुबह पुलिस को बुलाया गया।
थाने में दोनों पक्षों के बीच करीब 12 घंटे तक पंचायत चली।
लेकिन दुल्हन के परिवार वाले शादी को राजी नहीं हुए।
बारात बिना दुल्हन के लौट गई।
मामला जयसिंहपुर थाना क्षेत्र के बरुआ गांव का है।
अब समझिए पूरा मामला…
बरुआ गांव के रहने वाले घीसनराम वर्मा मनरेगा में जेई पद से रिटायर्ड हैं।
उन्होंने बेटी अर्चना की शादी गांव से 10 किमी दूर भरसारे रूपीपुर के रहने वाले राम जगत वर्मा के बेटे रवि वर्मा के साथ तय की थी।
26 नवम्बर को एंगेजमेट हुई।
शादी की तारीख 19 फरवरी तय हुई थी।
पिता ने बताया- हम लोगों ने शादी की पूरी तैयारी की।
बेटी के लिए पूरा दहेज का सामान लेकर आए।
गुरुवार की रात को बारात पहुंची।
बारातियों का स्वागत किया गया।
बाद में द्वार पूजा का समय हुआ तो दूल्हे की गाड़ी मंडप के पास लाई गई।
कार से आधे घंटे बाद निकला दूल्हा
पिता के अनुसार, द्वार पूजा के समय दूल्हा काफी देर तक गाड़ी से बाहर नहीं निकला।
देखा तो वो गाड़ी में बैठकर बार-बार पानी पी रहा था और बाहर आने में हिचकिचा रहा था।
इसके बाद उसने कोई दवा खाई।
ये देखकर थोड़ा शक हुआ।
लेकिन हम लोगों ने नींद न पूरी होने की बात समझकर इसे इग्नोर किया।
आधे घंटे बाद जब दूल्हा गाड़ी से उतरा तो कमजोरी लगने की बात बताई।
जिसके बाद मेरे दो बेटों ने उसे सहारा देकर मंडप तक पहुंचाया। किसी तरह द्वार पूजा की रस्म पूरी हुई।
इसके बाद जयमाल के स्टेज पर उसे ले जाया गया।
लेकिन दूल्हे के चेहरे पर न तो कोई खुशी थी और न ही वो सामान्य लगा।
पैर धोने की रस्म पर बिगड़ी बात
पिता के मुताबिक, जब जयमाल के बाद ‘पांव पखराई’ (पैर धोने) की रस्म का समय हुआ।
जब उसके पैरों में पानी डाला गया, तो वह ठंड से कांपने लगा। इसके बाद दूल्हे के परिवार वालों ने ठंड लगने की बात बताई।
दूल्हे के नाखूनों का रंग हल्का काला था।
उसके पैरों में कंपन हो रही थी।
हमें गंभीर बीमारी होने का शक हुआ।
दूल्हे के पैरों में महावर (अल्ता) भी नहीं लगा था।
जो कि शादी की रस्मों में अनिवार्य माना जाता है।
ये देखकर हम लोगों ने शादी से मना कर दिया।
हमने पूछा तो परिवार के लोग कोई सही जवाब नहीं दे सके।
इसके बाद हम लोगों ने पुलिस को सूचना दे दी।
पहली मुलाकात में भी लड़के ने कोई बात नहीं की
लड़की के पिता ने बताया- लगभग 7-8 महीने पहले जब लड़का-लड़की की पहली मुलाकात कानपुर और फिर सुल्तानपुर में हुई थी, तब भी लड़के ने लड़की से कोई बात नहीं की थी।
उस समय लगा कि लड़का संकोची प्रवृत्ति का है।
उसकी इस हरकत को नजरअंदाज कर दिया गया था।
लेकिन अब लगता है कि कोई महत्वपूर्ण बात छिपाई गई थी।
दुल्हन ने ज्वैलरी लौटाई, दूल्हे ने 3 लाख दिए शुक्रवार सुबह 6 बजे जयसिंहपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची।
दोनों पक्षों को लेकर थाने पहुंची। जहां करीब 12 घंटे तक पंचायत चली।
बाद में दोनों पक्षों में समझौता हुआ।
दुल्हन पक्ष ने सारे जेवरात वापस किए
।
इसके बाद दूल्हे वालों ने तीन लाख रुपए लड़की वालों को दिया। तब जाकर शाम का बारात बना दुल्हन के लौट गई।

