पंचमुखी हनुमान जी का दिव्य और अद्भुत स्वरूप भक्तों के जीवन से समस्त भय, बाधा और नकारात्मक शक्तियों का नाश करने वाला है।
पूर्व दिशा में श्री हनुमान, दक्षिण में भगवान नरसिंह, पश्चिम में गरुड़ देव, उत्तर में वराह भगवान और आकाश दिशा में हयग्रीव—इन पाँचों मुखों से प्रकट होने वाला यह तेज भक्तों के लिए अजेय रक्षा कवच बन जाता है।
जिन पर पंचमुखी हनुमान जी की कृपा होती है, उनका कोई भी शत्रु बाल भी बाँका नहीं कर सकता।
शास्त्रों में वर्णित है कि पंचमुखी स्वरूप की उपासना से तंत्र-मंत्र, भूत-प्रेत बाधा, ग्रह दोष और अकाल संकट स्वतः ही दूर हो जाते हैं। यह स्वरूप केवल बल का ही नहीं, बल्कि ज्ञान, भक्ति, साहस और विजय का भी प्रतीक है।
जो भक्त सच्चे मन, अटूट श्रद्धा और पूर्ण विश्वास से पंचमुखी हनुमान जी का स्मरण करता है, उसके जीवन में असंभव भी संभव होने लगता है।
हे पंचमुखी संकटमोचन,
अपने भक्तों पर सदैव अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखना।
हमारे जीवन से भय, शोक और संकटों का नाश कर हमें बल, बुद्धि, विद्या और अटूट भक्ति का आशीर्वाद प्रदान करना।
आपकी शरण में आया हुआ कोई भी भक्त कभी निराश नहीं लौटता।
जय जय जय पंचमुखी वीर हनुमान जी महाराज की जय 🚩🚩🚩

