ये है गौतम सिंघानिया… देश के सबसे बड़े बिजनेस टाइकून में से एक रेमंड ग्रुप के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर!
साथ में है इसकी बीवी नवाज़ मोदी। दो साल पहले ये सुर्खियों में थे… सुर्खियों में इसलिए कि इन दोनों का तलाक हो रहा था।
तलाक होना ये इनके मध्य आई गई जैसी बात लगती है लेकिन इसमें इंटरेस्टिंग बात ये है कि इसकी बीवी ने तलाक के सेटलमेंट के लिए इनके नेटवर्थ का 75% डिमांड किया।
फिलहाल गौतम सिंघानिया की नेटवर्थ उस समय 1.4 अरब डॉलर (करीब 11,660 करोड़ रुपए) थी। इस हिसाब से नवाज मोदी सिंघानिया ने तलाक के एवज में सिंघानिया परिवार से 8,745 करोड़ रुपए की मांग की।
यहां ये बात खत्म…!
अब दूसरी बात पे आते हैं … रेमंड के एम्पायर को खड़ा करने में इसके पिता का सबसे बड़ा योगदान था… बाप के द्वारा खड़ा किया गया एम्पायर बेटे को विरासत में मिला।
जब इनके पिता पद्मभूषण विजयपत सिंघानिया ने इन्हें सारा कारोबार सौंपा तब नेटवर्थ 12000 करोड़ था और जैसे ही कारोबार इनके हाथ में आया तो पिता से अनबन होने लगी… और इतनी होने लगी इन्होंने अपने पिता को ही घर से निकाल दिया… इनके सारे अधिकार छीन लिए… और इन्हें घर से बेदखल कर सड़क पे छोड़ दिया। यहाँ तक कि गाड़ी ड्राइवर सब छीन लिया।
जहां विजयपत ने बेटे और परिवार के लिए देश के सबसे महंगे लग्ज़री घरों में से एक 37 मंजिला जेके हाउस का निर्माण कराया उसी घर से उसके बेटे ने निकाल दिया। जहां कभी पिता खुद के प्राइवेट जेट से चलता था वो अब फुटपाथ पे आ गया।
85 साल का विजयपत सिंघानिया अभी किराए के मकान में रहते है… और आम जीवन जीते है…!! कभी अरबों के मालिक अभी पाई पाई को मोहताज हैं।
जहां बेटों के लिए लोग जी जान लगा देते हैं वहीं आगे चल कर बेटे कुछ ऐसे निकलते हैं।
अभी बेटे के साथ कुछ ऐसा घटित हो हुआ… तो इसमें पुरुषवादियों को इसके बेटे पे दया दिखाने की जरूरत नहीं है।
बुद्धिजन सही कहते हैं कि सबकुछ यहीं भर के जाओगे जो किये हो। भोग भी करोगे और भोग के भी जाओगे।
किसी ने सही कहा है….
जस करनी तस भोगहु दाता।
नरक जाति काहें पछिताता।।

