उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पुलिस ने एक संगठित ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार, कुछ महिलाएँ फर्जी पहचान के जरिए शादियाँ कराकर ससुराल से नकदी और सोने–चाँदी के जेवर लेकर फरार हो जाती थीं। इस मामले में नूरजहाँ खातून (काजल उर्फ) समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि पिछले डेढ़ महीने में चार मामलों में दुल्हनें शादी के कुछ ही दिनों बाद घर से कीमती सामान लेकर गायब हो गईं। जांच के दौरान पता चला कि ये महिलाएँ पश्चिम बंगाल की रहने वाली थीं और हिंदू नामों के साथ फर्जी आधार कार्ड के जरिए शादियाँ कराई गई थीं।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह की मुख्य आरोपित काजल उर्फ नूरजहाँ खातून बताई जा रही है, जो मैरिज ब्रोकर की भूमिका निभा रही थी। आरोप है कि वह लड़कियों को लाकर हिंदू रीति–रिवाजों की जानकारी दिलाती, फिर ₹50 से ₹75 हजार लेकर अविवाहित युवकों से शादी कराती थी। शादी के कुछ दिन बाद दुल्हनें घर से सामान लेकर फरार हो जाती थीं।
मामले का खुलासा तब हुआ जब ‘पूजा’ (असल नाम आयशा खातून) फरार होने की कोशिश में पकड़ी गई। पूछताछ में पूरे नेटवर्क की जानकारी सामने आई। पुलिस ने नूरजहाँ खातून, आयशा खातून और बदायूँ निवासी राजीव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अब फर्जी दस्तावेज बनाने वालों और अन्य फरार आरोपितों की तलाश कर रही है।
पुलिस ने साफ किया है कि मामले की जांच कानूनी दायरे में की जा रही है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर होगी।

