प्रेम शादी और हत्या का सिलसिलाथमने का नाम नहीं ले रहा है । इटावा के ऊसराहार थाना क्षेत्र के रहने वाले 33 वर्षीय जितेंद्र यादव भारतीय पशु अनुसंधान संस्थान (IVRI), बरेली में संविदाकर्मी थे। कुछ साल पहले उनकी पहचान बरेली की दुर्गानगर कॉलोनी निवासी ज्योति प्रजापति से हुई। बातचीत बढ़ी, मुलाकातें होने लगीं और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। करीब दो महीने पहले दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया और इज्जतनगर इलाके के कैलाश पुरम में किराये के कमरे में साथ रहने लगे।
शादी के बाद जल्द ही हालात बदलने लगे। जितेंद्र के परिवार का आरोप है कि ज्योति, उसके पिता कालीचरन, मां चमेली और भाई दीपक मिलकर उस पर लगातार पुश्तैनी जमीन बेचने, मकान और कार खरीदने का दबाव बना रहे थे। जितेंद्र ने यह बात अपने भाई और मां को भी बताई थी। उसने साफ कहा था कि वह जमीन नहीं बेचना चाहता, लेकिन ससुराल पक्ष की तरफ से दबाव बढ़ता जा रहा है। परिजनों के मुताबिक उसने यह भी आशंका जताई थी कि उसके साथ कुछ गलत हो सकता है।
26 जनवरी को अचानक खबर आई कि जितेंद्र का शव उसके किराये के कमरे में फंदे से लटका मिला है। शुरुआती हालात देखकर परिवार और पुलिस दोनों को यही लगा कि उसने तनाव में आकर आत्महत्या कर ली है। इज्जतनगर थाने में पत्नी ज्योति और उसके परिजनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
मामला वहीं खत्म होता दिख रहा था, लेकिन जब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई तो पूरी कहानी पलट गई। रिपोर्ट में साफ लिखा था कि जितेंद्र की मौत गला दबाए जाने से हुई है। यानी उसे पहले मारा गया और बाद में शव को फंदे पर लटका कर आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।
इस खुलासे के बाद पुलिस और परिवार दोनों सकते में आ गए। एसपी सिटी मानुष पारीक के निर्देश पर केस में हत्या की धाराएं बढ़ाई गईं। इंस्पेक्टर विजेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने जांच तेज कर दी। महिला पुलिस ने ज्योति से लंबी पूछताछ शुरू की और उसके परिजनों को भी थाने बुलाया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि जितेंद्र और ज्योति की जान-पहचान करीब सात साल पुरानी थी और इसी दौरान दोनों में प्रेम हुआ था। लेकिन शादी के महज दो महीने के भीतर हत्या जैसी घटना कैसे हो गई यही सवाल अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा है। अधिकारियों का कहना है कि विजातीय विवाह को लेकर ज्योति का परिवार खुश नहीं था, इस पहलू को भी गंभीरता से खंगाला जा रहा है।
पुलिस की शुरुआती थ्योरी यही है कि पहले जितेंद्र का गला दबाकर उसकी हत्या की गई और फिर साक्ष्य छिपाने के लिए शव को फंदे से लटका दिया गया। फिलहाल पूरे घटनाक्रम, कॉल डिटेल, घर में मौजूद लोगों की भूमिका और पारिवारिक विवाद की हर परत को खंगाला जा रहा है ।

