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भ्रष्टाचार के पारितोषिक रूप में बीके श्रीवास्तव मुख्य अभियंता गोरखपुर के पद पर तैनात
गोरखपुर। लोक निर्माण विभाग गोरखपुर वृत्त व परिक्षेत्र में निर्धारित नीति निर्देशों के उपेक्षा करते हुए कारित करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार व फर्जी नियुक्ति और संबंद्धीकरण के साथ-साथ धन के आधार पर पटल विक्रय के विरुद्ध तीसरी आंख मानवाधिकार संगठन द्वारा विगत वर्षों से मय प्रमाण शिकायतों के उपरांत 5 अक्टूबर 2021 को मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन को संबोधित 37 बिंदुओं के ज्ञापन पर मुख्य अभियंता गोरखपुर की तानाशाही भ्रष्ट लोकशाही व्यवस्था का परिचायक है और उक्त पर उपेक्षात्मक क्रियाकलापों पर यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि कारित अपराधों में प्रमुख सचिव व प्रमुख अभियंता (विभागाध्यक्ष) लोक निर्माण विभाग उत्तर प्रदेश की सहभागिता व हिस्सेदारी है। जैसा कि आरोपी अभियंताओं द्वारा क्रमिक धरने के दौरान प्रतिक्रिया व्यक्त किया जाता है कि कोई कुछ नहीं कर पाएगा क्योंकि वित्तीय अनियमितता और आर्थिक अपराध में शासकीय, प्रशासकीय तंत्र की बराबर की भागीदारी है। संगठन के 21 दिनों के धरने पर मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग के साथ ही प्रमुख सचिव व प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग की अब तक की खामोशी उक्त लोक सेवकों के उपरोक्त प्रतिक्रिया की पुष्ट करती है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित संगठन के संस्थापक महासचिव शैलेंद्र कुमार मिश्रा, अनूप शुक्ला, अशोक तिवारी दिवानी बार गोरखपुर, योगेन्द्र कुमार मिश्रा एडवोकेट महामंत्री जिला कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन, डी एन सिंह प्रदेश उपाध्यक्ष, ठेकेदार जन कल्याण समिति लखनऊ, रामनिवास गुप्ता, वरिष्ठ कार्यकर्ता जियाउद्दीन अन्सारी, राजेश शुक्ला अधिवक्ता कमिश्नरी बार गोरखपुर, अनूप कुमार मिश्रा एडवोकेट स्नेहा मिश्रा एडवोकेट दीवानी कचहरी गोरखपुर विरेन्द्र कुमार वर्मा, विरेन्द्र राय, जिला मंत्री रामचन्दर दूबे, जिला संयोजक राजमंगल गौर, जिला मीडिया प्रभारी शशी कांत, नानू अंसारी, बृजराज सैनी, संतोष गुप्ता, संजय गुप्ता, इत्यादि भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

