देवरिया में एक युवक का अपहरण कर उसे जिंदा जलाने का मामला सामने आया है।
दो बदमाश उसे घर से कुछ दूरी पर शुक्रवार की सुबह खेत से अपहरण कर ले गए और 10 लाख रुपये की मांग की।
बदमाशों से अपना छीना हुआ मोबाइल मांग कर पुलिस को फोन करने पर बदमाश उसे जिंदा जलाकर फरार हो गए।
मौके पर पहुंची पुलिस दर्द से चीख रहे युवक को घटना स्थल से उठाकर पीएचसी भाटपाररानी ले आई और हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज रेफर कर दिया।
जहां उनका गंभीरावस्था में उपचार चल रहा है।
घटना का कारण गांव में कुछ लोगों से पुरानी रंजिश बताई जा रही है।
पीड़ित पक्ष ने पुलिस को सूचना देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस जांच कर रही है।
भटनी थाना क्षेत्र के मोतीपुर भुआल के रहने वाले 35 वर्षीय रंजीत कुशवाहा पुत्र कैलाश कुशवाहा सुबह आठ बजे अपने खेत की तरफ गए थे।
इस बीच एक बाइक पर दो युवक मुंह बांधे आए और गाली देना शुरू कर दिया।
रंजीत कुछ समझ पाता कि बदमाश उसकी पिटाई शुरू कर दिए और उसका मोबाइल छीन बाइक पर जबरदस्ती बैठा लिए।
उसे भिंगारी बाजार के ताल में ले आए और 10 लाख रुपये मांग की।
बदमाशों से कही ये बात
ऐसे में रंजीत ने बदमाशों से कहा कि मेरा मोबाइल दीजिए तभी तो फोन कर रुपये मंगाउंगा।
बदमाशों ने जैसे ही मोबाइल रंजीत को दिया उन्होंने घर फोन करने की बजाय, पुलिस को फोन कर दिया।
यह देखते ही बदमाशों ने उसे जला दिया।
उसके शरीर में आग पकड़ा तो बदमाश फरार हो गए।
बकौल रंजीत काफी मुश्किल से मैंने आग पर काबू पाया।
कुछ देर बाद खामपार पुलिस मौके पर पहुंची और मुझे भाटपाररानी अस्पताल पहुंचाई।
पूछने पर पीड़ित ने बताया कि बदमाशों का चेहरा नहीं पहचान सका, लेकिन मोटरसाइकिल का नंबर याद है।
उन्होंने गांव के ही एक व्यक्ति पर आशंका जताई है।
रंजीत गांव में कक्षा एक से पांच तक स्कूल चलाते हैं और उनका राइस मिल का व्यवसाय भी है।
बताया कि बीते नौ अप्रैल को भी मेरे साथ खेते में सोते समय घटना हुई थी।
मैंने भटनी थाना में मुकदमा दर्ज कराया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
भिंगारी बाजार संवाददाता के अनुसार, अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी सुनील कुमार सिंह, सीओ भाटपाररानी अंशुमान श्रीवास्तव ने घटना स्थल पर पहुंचकर आवश्यक जानकारी ली।
थानाध्यक्ष भटनी मृत्युंजय राय ने बताया कि अभी तहरीर नहीं मिली है।
मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।
जांच की जा रही है।

