खजनी हत्याकांड का फैसला: सात साल बाद इंसाफ की दस्तक, चार दोषियों को उम्रकैद
अमूल्यरत्न न्यूज राष्ट्रीय पत्रिका……
क्राइम रिपोर्ट | गोरखपुर
वर्ष 2018 में थाना खजनी क्षेत्र को दहला देने वाले सनसनीखेज हत्याकांड में आखिरकार न्याय की जीत हुई है। सात वर्षों की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद मा0 न्यायालय गोरखपुर ने मामले के चारों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर ₹10,000 का अर्थदंड भी लगाया गया है। फैसले के साथ ही पीड़ित परिवार को न्याय की आस जगी है और कानून पर डगमगाता विश्वास एक बार फिर मजबूत हुआ है।
यह सख्त फैसला उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर, पुलिस उप महानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद गोरखपुर के कुशल नेतृत्व में थाने के पैरोकार, मॉनिटरिंग सेल और विवेचक टीम ने मामले की निरंतर निगरानी करते हुए साक्ष्यों को मजबूत रूप से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) कोर्ट संख्या-05, गोरखपुर ने मु0अ0सं0 193/2018, धारा 302/34 भादवि, थाना खजनी के अंतर्गत अभियुक्त 1. भीम, 2. पंकज, 3. वीरेंद्र एवं अभियुक्ता मीना को हत्या के जघन्य अपराध में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
मामले की सुनवाई के दौरान स० जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) श्री अजीत प्रताप शाही की प्रभावी, तथ्यपरक और धारदार पैरवी ने अभियोजन पक्ष को मजबूत आधार प्रदान किया। साक्ष्यों की कड़ी, गवाहों के बयान और तकनीकी साक्ष्य न्यायालय के समक्ष इतने ठोस रूप में रखे गए कि बचाव पक्ष के तर्क टिक नहीं सके।
फैसले के बाद पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन कनविक्शन के तहत लंबित जघन्य अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने का अभियान आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगा। उद्देश्य साफ है—अपराधियों में कानून का भय कायम करना और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाकर समाज में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास को और मजबूत करना चाहिए

