थावे मंदिर की वो रात…
17 दिसंबर की रात थी।
थावे मंदिर शांत था।
रोज़ की तरह मां भवानी अपने गर्भगृह में विराजमान थीं।
लेकिन किसी को अंदाज़ा नहीं था कि उसी रात कोई चुपचाप मंदिर की पवित्र दीवारों के भीतर घुस जाएगा।
उसने मां का मुकुट और करीब एक करोड़ रुपये के आभूषण चुरा लिए।
सुबह जब यह खबर फैली तो पूरे गोपालगंज में सनसनी फैल गई। मंदिर में चोरी…
वो भी गर्भगृह के अंदर।
पुलिस हरकत में आई।
सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।
रास्ते, चेहरे और हर छोटी-सी हरकत पर नज़र रखी गई।
जांच आगे बढ़ी तो शक उत्तर प्रदेश की ओर गया।
मंगलवार की सुबह थावे थाना क्षेत्र के इटवा पुल के पास पुलिस ने एक युवक को पकड़ लिया।
उसका नाम दीपक राय था।
वह यूपी के गाजीपुर जिले का रहने वाला निकला।
पूछताछ में धीरे-धीरे सारी कहानी सामने आने लगी।
दीपक राय पहले भी मंदिरों में चोरी कर चुका था।
मऊ जिले के शीतला माता मंदिर में भी उसने इसी तरह आभूषण चुराए थे।
नवंबर महीने में वह जेल से बाहर आया था।
बाहर आते ही उसने इंटरनेट पर मंदिरों की जानकारी खंगालनी शुरू की।
उसे पता चला कि थावे मंदिर में एक खास हार है।
11 दिसंबर की रात वह अपने एक साथी के साथ थावे आया।
मंदिर की रेकी की।
आने-जाने के रास्ते देखे।
कैमरे समझे।
और फिर उसने पुलिस से बचने के तरीके निकालने के लिए खाकी वेब सीरीज़ देखी।
17 दिसंबर की रात वह बाइक से अपने साथी के साथ मंदिर पहुंचा। गर्भगृह में घुसा और चोरी कर फरार हो गया।
जाते ही उसने मोबाइल बंद कर दिया, ताकि पुलिस तक कोई सुराग न पहुंचे।
लेकिन गलती हो गई।
शीतला माता मंदिर और थावे मंदिर की चोरी का तरीका एक जैसा था।
यही पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग बन गया।
पुलिस ने कड़ियाँ जोड़नी शुरू कीं और आखिरकार दीपक राय पकड़ लिया गया।
उसके पास से चोरी के समय पहने गए कपड़े और कटर मशीन बरामद कर ली गई है।
उसका दूसरा साथी अभी फरार है।
आभूषणों की बरामदगी के लिए यूपी में लगातार छापेमारी चल रही है।
अब यह कहानी एक गिरफ्तारी तक पहुंच चुकी है,
लेकिन मां भवानी के आभूषण कब लौटेंगे –
इसका इंतज़ार अभी बाकी है।

