बिहार के आईजी सुनील कुमार नायक पटना से गिरफ्तार: बेतिया एसपी के रूप में रहा था विवादों और कूटनीति से भरा चर्चित कार्यकाल
बिहार पुलिस महकमे के एक बेहद रसूखदार और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की गिरफ्तारी ने पूरे प्रशासनिक अमले को चौंका दिया है। सोमवार को आंध्र प्रदेश पुलिस की एक विशेष टीम ने पटना स्थित आवास पर छापेमारी कर बिहार अग्निशमन विभाग के महानिरीक्षक सुनील कुमार नायक को अपनी हिरासत में ले लिया।
2010 बैच के इस अधिकारी पर हिरासत में प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके आधार पर उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज है। आंध्र पुलिस आज उन्हें पटना की स्थानीय अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड की मांग करेगी।
ताकि उन्हें कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए आंध्र प्रदेश ले जाया जा सके। इस गिरफ्तारी के बाद से ही उनके पुराने रिकॉर्ड्स और विशेषकर बेतिया में बिताए गए।
उनके कार्यकाल की फाइलें एक बार फिर से चर्चा के केंद्र में आ गई हैं।
सुनील कुमार नायक का नाम बिहार के उन अधिकारियों में शुमार रहा है जो अपनी सख्त और लीक से हटकर कार्यशैली के लिए जाने जाते थे।
वर्ष 2013 के आसपास उन्होंने लगभग दो वर्षों तक बेतिया (पश्चिम चंपारण) के एसपी के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं।
बेतिया में उनका कार्यकाल न केवल लंबा रहा।
बल्कि वह बेहद सुर्खियों और विवादों से भी घिरा रहा।
उस समय अपराधियों के बीच उनका खौफ इतना था कि लोग उनकी तुलना एक ‘रणनीतिकार’ से करते थे।
कहा जाता था कि वे अपराधियों को खत्म करने के लिए सीधे टकराव के बजाय कूटनीति का सहारा लेते थे।
जिसमें वे एक अपराधी गिरोह को दूसरे से भिड़ाकर उन्हें कमजोर या समाप्त कर देते थे।
हालांकि, उनकी यह रणनीति पुलिसिया हलकों में जितनी सराही जाती थी।
मानवाधिकारों और कानूनी प्रक्रियाओं के लिहाज से उतनी ही विवादित भी मानी जाती थी।
बेतिया एसपी के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान जिले में कई ऐसी बड़ी घटनाएं घटी थीं जो आज भी लोगों के जेहन में ताजा हैं।
उनके समय में ही बेतिया के बानूछापर इलाके में एक बड़ी वारदात हुई थी।
जहां एक हमले में एक सरकारी गार्ड को गोली लग गई थी और वे शहीद हो गए थे।
इस घटना ने उस समय पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
इसके अलावा, उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि और पेशेवर जीवन का मेल भी चर्चा का विषय बना रहता था।
उनके समय मे कई मामले ऐसे हुए जिसने शहर में काफी सनसनी फैला दी थी।
इन तमाम उतार-चढ़ावों और बेतिया के उस चर्चित दौर के बाद, अब आंध्र प्रदेश में दर्ज मुकदमे ने सुनील कुमार नायक की मुश्किलों को काफी बढ़ा दिया है।

