*संवाददाता – मथुरा उदयभान कनौजिया*
*मथुरा नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारियों की लापरवाही न बन जाए बीजेपी के लिए आगामी2022 विधान सभा चुनावों में मुसीबत का कारण!*
मथुरा नगर निगम मथुरा वृंदावन के अधिकारी व कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा आगामी विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को उठाना पड़ सकता है नगर निगम में समय से शिकायतों का निस्तारण न होना , नगर निगम में व्याप्त घोर भ्रष्टाचार होना ,यहां तक कि महापौर मुकेश आर्य बंधु पर भी भू माफियाओं के साथ सांठगांठ कर सिकमी किराएदार द्वारा नगर निगम में जमा करा ने के बाद भी दुकानदार से 20 लाख रुपए की नाजायज मांग करना वह दुकान स्वामी व उसके आठ सदस्यों द्वारा नगर निगम कार्यालय पर आत्महत्या की धमकी ,आगामी 2022 विधानसभा चुनावों में भाजपा के लिए मुसीबत ला सकता है भाजपा शीर्ष नेतृत्व को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए
वार्ड नंबर 24 के नागरिक जलभराव की समस्या को लेकर 3 दिन पहले मथुरा वृंदावन नगर निगम के मेयर मुकेश आर्य बंधु से समय लेकर मिलने नगर निगम पहुंचे जहां पर मुकेश आर्य बंधु नगर निगम में नहीं मिले अपनी शिकायत संबंधित बाबू को देकर वापस आ गए
आज जिलाधिकारी कार्यालय पर वार्ड नंबर 24 के निवासी पहुंचे और अपनी समस्या बताएं जिसमें उन्होंने नेशनल हाईवे नंबर दो पर हो रहे जलभराव के संबंध में अपनी शिकायत जिलाधिकारी मथुरा नवनीत सिंह चहल को दी जिस पर कार्रवाई होनी बाकी है लेकिन मथुरा नगर निगम अधिकारी व कर्मचारियों की लापरवाही से हो रही जन समस्याएं, नालों में गिरकर हुई मौतें, नगर निगम मैं व्याप्त भ्रष्टाचार, सरकारी संपत्तियों पर हो रहे अवैध कब्जे जिसमें कहीं ना कहीं विभागीय दोष जनपद की भाजपा के लिए मुसीबत का सबब आगामी 2022 के विधानसभा चुनावों में बन सकते हैं अब देखना होगा कि उक्त घटनाओं से भाजपा शीर्ष नेतृत्व व नगर निगम अधिकारी व कर्मचारी कितना सबक लेते हैं l

