कानपुर का “अपना बर्तन बैंक”.
प्लास्टिक डिस्पोजल की जगह इनसे बर्तन ले जाइए और कार्यक्रम खत्म होने के बाद इनको वापस लौटा जाईए ताकि अगले कार्यक्रम के लिए किसी और के काम आ जाएं।।
मिलिए कानपुर उत्तर प्रदेश के नीतेश सचान जी और उनकी पत्नी से उच्च स्तर की पढ़ाई लिखाई के बाद सामाजिक कार्यों को करते हुए।
कानपुर में अपना बर्तन बैंक बनाने का आइडिया आया…..
और धीरे धीरे बर्तन बैंक बढ़ती गई.
पिछले 3 वर्षो में 75 बर्तनो के सेट से शुरू करके आज लगभग 3500 बर्तन के सेट हैं और लगभग 4 लाख 65 हज़ार डिस्पोजल को धरती में जाने से रोका है।
लोग यहां से बर्तन ले जाते हैं कार्यक्रमों में अगर वो नहीं आ पाते तो नितेश भाई खुद भिजवा देते हैं।
इसके बाद आशा रहती है की कार्यक्रम के बाद बर्तन साफ-सुथरे धुल के वापस आ जाएं पर ज्यादातर ऐसा होता नहीं है।
इसलिए खुद नितेश भाई ने बर्तन धोने के लिए कुछ स्टाफ भी रखा है ।
यानी खुद अपनी देख रेख में बर्तन धुलवा कर बर्तन बैंक में रखवाते हैं।
उसके लिए एक ऐसा अमाउंट रख लिया जाता है जिसका खर्च डिस्पोजल से कम आता है वो खुशी खुशी लोग दे देते हैं ।
सहयोग भाव से, इस कार्य में उनकी पत्नी का भी काफी सहयोग रहता है।।
अभी बर्तनों की संख्या ज्यादा होने से उनको अपने घर में रखने में दिक्कत हो रही है और पतली गली की वजह से आने-जाने में भी दिक्कत होती है।
पार्किंग की व्यवस्था नहीं है।
यदि कानपुर में खासकर बर्रा, शास्त्री चौक,साकेत नगर, किदवई नगर, रतनलाल नगर इस एरिया में कोई ग्राउंड फ्लोर की जगह हो, जहाँ बड़ा हाल और 3-4 कमरे हो, जहां बर्तन रखने की सुरक्षित व्यवस्था हो जाए तो उनकी काफी मदद हो जाएगी, हां चाहें तो उसका किराया भी मिलता रहेगा सबके सहयोग से बस बर्तन बैंक को एक सही जगह मिल जाएगी।।
कोई स्कूल, गेस्ट हाउस या कोई अन्य संस्थान भी चलेगा, बस जगह और सुरक्षा थोड़ा ठीक हो।।
कानपुर में ऐसी बर्तन बैंक का होना कानपुर वासियों के लिए बहुत अच्छी बात है.
आप बर्तन बैंक से जुड़ने के लिए नितेश भाई से जुड़ सकते हैं।
+919930748239

