अधिकरों की लडाई जारीहै
धरना प्रदर्शन का112वाँ_दिन
आज दिनांक 24-09-2021 को लगातार 112वें दिन भी लखवाड-ब्यासी बांध से पुर्ण रुप से प्रभावित एकमात्र राजस्व गांव लोहारी का धरना प्रदर्शन जारी रहा,जिसमें लोहारी के ग्रामीणों द्वारा वर्तमान प्रदेश सरकार तथा उत्तराखण्ड जलविधुत निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना रोष व्यक्त किया गया।
लोहारी के काश्तकारों ने वर्तमान प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफ़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान राज्य सरकार तानाशाही की सारी हदें पार कर चुकी है,वर्तमान राज्य सरकार लोहारी के ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने व समझने को राजी नहीं है जिस कारण वर्तमान राज्य सरकार ने पूर्ववर्ती राज्य सरकार के कैबिनेट के रेशम विभाग के भूमि के प्रस्ताव को निरस्त कर दिया था जो कि लोहारी के काश्तकारों के साथ बहुत बड़ा अन्याय है,भूमि के बदले भूमि लोहारी के ग्रामीणों का संवैधानिक अधिकार है जो कि ग्रामीणों को मिलना हि चाहिए।
वर्तमान राज्य सरकार के नुमाइंदो के द्वारा सचिव स्तर पर ग्रामीणों के साथ अभी तक एक भी बैठक आहुत नहीं करवाई गयी है जिससे साफ़ जाहिर होता है कि राज्य सरकार की ग्रामीणों को भूमि के बदले भूमि देने नियत ही नहीं है जो कि बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
लोहारी के किसानों की माँग है कि राज्य सरकार 3-जनवरी-2017 के मंत्रीमण्डल के रेशम फ़ार्म के प्रस्ताव को पुनः बहाल करे,अन्यथा आंदोलन इसी प्रकार अनवरत जारी रहेगा।

