पीडब्ल्यूडी के भ्रष्टाचार पर “शासकीय तंत्र संदिग्ध”: शैलेंद्र
गोरखपुर। लोक निर्माण विभाग परिक्षेत्र गोरखपुर के खंडीय कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरोध में तीसरी आंख मानवाधिकार संगठन द्वारा चलाए जा रहे क्रमिक धरने के 38 वें दिन शासकीय तंत्र की खामोशी और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति परस्पर विरोधाभासी नज़र आ रही है।
उक्त बातें तीसरी आंख मानवाधिकार संगठन के संस्थापक महासचिव शैलेंद्र कुमार मिश्र ने आज कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि जन समुदाय जानने के लिए उत्सुक है कि वर्तमान शासकीय तंत्र भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति को अपनाने में निराश व असफल क्यों है, क्या प्रदेश में निरंकुश भ्रष्टाचार के भवसागर में शासकीय तंत्र सराबोर है और यदि नहीं है तो लोक निर्माण विभाग के खंडीय कार्यालयों में फर्जी नियुक्ति, पदोन्नति, दैनिक वेतन भोगी अमीन का कूट रचित पद परिवर्तन करने के साथ-साथ मद परिवर्तन, कथित आपूर्ति आदेश व अस्थाई व स्थाई अग्रदाय के मद से संबंधित दिनांक 5 अक्टूबर 2021 को प्रेषित 37 बिंदुओं के ज्ञापन पर अब तक शासकीय तंत्र लाचार और बीमार क्यों? कहीं ऐसा तो नहीं कि प्रदेश में निरंकुश बढ़ रहे भ्रष्टाचार के भाव सागर में विकास व संरक्षण में शासकीय तंत्र का महत्वपूर्ण योगदान है अन्यथा लोकहित में 37 बिंदुओं का ज्ञापन जो लगभग प्रतिवर्ष अरबों रुपए के कारित गंभीर वित्तीय अनियमितता व आर्थिक अपराध संदर्भित है, अब तक उपेक्षा व निष्क्रियता का शिकार न होता।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित संगठन के संस्थापक महासचिव शैलेंद्र कुमार मिश्रा, अनूप शुक्ला, अशोक तिवारी दिवानी बार गोरखपुर, योगेन्द्र कुमार मिश्रा एडवोकेट महामंत्री जिला कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन, डी एन सिंह ठेकेदार जन कल्याण समिति लखनऊ के प्रदेश उपाध्यक्ष, रामनिवास गुप्ता, वरिष्ठ कार्यकर्ता जियाउद्दीन अन्सारी, राजेश शुक्ला अधिवक्ता कमिश्नरी बार गोरखपुर, अनूप कुमार मिश्रा एडवोकेट स्नेहा मिश्रा एडवोकेट दीवानी कचहरी गोरखपुर विरेन्द्र कुमार वर्मा, विरेन्द्र राय, जिला मंत्री रामचन्दर दूबे, जिला संयोजक राजमंगल गौर, जिला मीडिया प्रभारी शशी कांत, नानू अंसारी, बृजराज सैनी, संतोष गुप्ता, संजय गुप्ता, इत्यादि भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

