*नशे में हादसा, फिर साजिश से सच छिपाने की कोशिश: कपसेठी पुलिस ने आरोपी को दबोचा, दर्दनाक कांड का खुलासा*
स्थानीय संवाददाता…..
वाराणसी पुलिस उपायुक्त गोमती जोन, वाराणसी द्वार के अनुसार वाराणसी पुलिस ने गैर इरादतन हत्या और साक्ष्य मिटाने जैसे गंभीर मामले का खुलासा करते हुए अभियुक्त रामनरेश बिंद (36 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की शुरुआत तब हुई जब वादी अभिषेक शुक्ला ने अपनी माता हेमा शुक्ला के 13 अप्रैल 2026 से लापता होने की सूचना दी। बाद में 18 अप्रैल को गुमशुदगी दर्ज कराई गई। जांच के दौरान सामने आया कि उसी दिन लच्छापुर के पास एक ऑटो दुर्घटना में एक महिला गंभीर रूप से घायल हुई थी। आगे जांच में थाना रामनगर क्षेत्र में मिले अज्ञात महिला के शव की पहचान हेमा शुक्ला के रूप में हुई। इस आधार पर थाना कपसेठी में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच तेज की। 26 अप्रैल को थाना कपसेठी पुलिस टीम ने बाहरीनाला के पास से मुख्य आरोपी रामनरेश बिंद को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने जो सच बताया, वह बेहद चौंकाने वाला था। उसने स्वीकार किया कि 13 अप्रैल की शाम वह हेमा शुक्ला को अपने ऑटो में लेकर जा रहा था, लेकिन नशे की हालत में वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और ऑटो पलट गया। हादसे में महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद आरोपी ने उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय पुलिस कार्रवाई के डर से कछवां होते हुए भटौली घाट पुल पहुंचकर गंगा नदी में फेंक दिया, ताकि साक्ष्य छिपाया जा सके। इसके बाद वह कई दिनों तक फरार रहा और पुलिस व परिजनों से बचने की कोशिश करता रहा। पुलिस की सतर्कता और लगातार प्रयासों के चलते आखिरकार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई में थाना कपसेठी के थानाध्यक्ष विकास मौर्य, उपनिरीक्षक आशीष कुमार, उपनिरीक्षक विनय कुमार प्रजापति और कांस्टेबल प्रियकांत की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

