दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा सीधी खड़ी नहीं रहती – तेज हवाओं में ये ऊपर से पूरे 2 मीटर (6 फीट) तक झुक जाती है! ये कोई कमजोरी नहीं……..
बल्कि इंजीनियरिंग का कमाल है।
इसे जानबूझकर लचीला ( फ्लेक्सिबल ) बनाया गया है…..
ताकि हवा का दबाव सहकर ये स्प्रिंग की तरह झुक जाए और टूटने से बच जाए।
अगर ये सख्त ( जिद्दी ) होती, तो कांच की तरह चटक जाती।
828 मीटर ऊंची इस इमारत ने इंसानी हिम्मत और विज्ञान की ताकत को साबित कर दिया है!
डिजाइनरों ने हवा, भूकंप और तापमान के बदलाव को ध्यान में रखकर इसे ऐसा बनाया कि ये झुककर भी खड़ी रहे।
ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले लोग हल्का सा हिलना महसूस करते हैं, लेकिन नीचे वाले को कुछ पता ही नहीं चलता।
ये तकनीक न सिर्फ बुर्ज खलीफा को सुरक्षित रखती है, बल्कि दुनिया भर की ऊंची इमारतों के लिए मिसाल है।
सच में, इंसान ने प्रकृति की ताकत को चुनौती देने का तरीका ढूंढ लिया है!
अगली बार दुबई जाएं तो बुर्ज खलीफा को सिर्फ ऊंचाई के लिए नहीं।
उसकी लचक के लिए भी सलाम करें।
इंजीनियरिंग का ये चमत्कार हमें सिखाता है – जिंदगी में भी कभी-कभी झुकना पड़ता है।
टूटने से बचने के लिए!
लेख – संजय कुमार झा

