नॉर्थ-ईस्ट (पूर्वोत्तर भारत) से एक ऐसा Powerful Video सामने आया है जिसने ‘अंधी ममता’ और ‘ज़िम्मेदार परवरिश’ के बीच का बड़ा अंतर साफ़ कर दिया है।
जहाँ अक्सर माँ-बाप अपने बच्चों की काली करतूतों पर पर्दा डालते हैं या रसूख का इस्तेमाल कर उन्हें कानून से बचाते हैं, वहीं इस इलाके की एक महिला ने थाने के भीतर जो किया।
उसने पूरे Social Media पर एक नई बहस छेड़ दी है।
मामला एक नाबालिग लड़के (Juvenile) का है, जिसे पुलिस ने छेड़खानी के आरोप में Detain किया था।
घटना का विवरण: थाने में ‘On the Spot’ इंसाफ
जैसे ही माँ को खबर मिली कि उसका बेटा ‘छेड़छाड़’ जैसे शर्मनाक कृत्य में पुलिस की गिरफ्त में है, वह रोते-बिलखते नहीं, बल्कि एक Disciplinarian (अनुशासक) के रूप में थाने पहुँची। वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि माँ ने अपने लाड़ले को सीने से लगाने के बजाय हाथ में डंडा उठाया और पुलिस अधिकारियों के सामने ही उसकी जमकर पिटाई शुरू कर दी। माँ का गुस्सा इस बात पर था कि उसके संस्कारों में पली-बढ़ी औलाद ने किसी की ‘बहू-बेटी’ के साथ बदतमीजी करने की जुर्रत कैसे की।
Police से दोटूक: “कानून के मुताबिक करो कार्रवाई”
सबसे चौंकाने वाला और सराहनीय हिस्सा वह था, जब माँ ने पुलिस से साफ़ लहजे में कहा कि— “यह मेरा बेटा है, पर इसने जो किया है वह माफी के काबिल नहीं है। इस पर कानून (Juvenile Justice Act) के तहत सख़्त से सख़्त एक्शन लिया जाए।” उनका यह रुख बताता है कि वे अपने बेटे से नफरत नहीं करतीं, बल्कि उसके Future को गर्त में जाने से बचाने के लिए ‘कड़वी दवा’ दे रही हैं। उनका मानना था कि अगर आज उसे नहीं टोका गया, तो कल वह एक बड़ा अपराधी बन सकता है।
Social Impact: क्या यही है बेहतर समाज का समाधान?
समाजशास्त्रियों (Sociologists) ने इस घटना को Ideal Parenting का एक उत्कृष्ट उदाहरण माना है। आज के दौर में जब कई ‘VIPs’ और अमीर परिवारों के बिगड़ैल बच्चे अपराध करके बच निकलते हैं, तब यह गरीब या साधारण पृष्ठभूमि की माँ एक Icon बनकर उभरी है। लोगों का कहना है कि जिस दिन हर माँ अपने अपराधी बेटे का साथ देना छोड़ देगी, उस दिन सड़कों पर महिलाएं खुद को सबसे ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगी।
यह वीडियो महज़ एक ‘मारपीट’ का दृश्य नहीं है, बल्कि उस Deep Concern (गहरी चिंता) का प्रतीक है जो एक माँ को अपने बच्चे के चरित्र के प्रति होनी चाहिए। नॉर्थ-ईस्ट की इस महिला ने साबित कर दिया कि माँ की ममता केवल दुलार में नहीं, बल्कि सही समय पर सख़्ती दिखाने में भी बसती है। फिलहाल, पुलिस नाबालिग के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है, लेकिन समाज इस माँ के जज्बे को सलाम कर रहा है।

