मध्य प्रदेश में 21 वर्ष के युवाओं को नगर पालिका और नगर परिषद का अध्यक्ष बनने का रास्ता साफ
भोपाल (राज्य ब्यूरो) – मध्य प्रदेश में 21 साल या उससे अधिक आयु के युवाओं को नगर पालिका और नगर परिषद का अध्यक्ष बनाने का रास्ता साफ हो गया है।
सोमवार को नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने लंबी कवायद के बाद अध्यक्ष पद की पात्रता आयु और परिसीमन के लिए अवधि घटाने का निर्णय कर लिया।
मंगलवार को नगर पालिक विधि संशोधन अध्यादेश के प्रारूप पर वरिष्ठ सचिव समिति विचार करेगी।
समिति का अनुमोदन मिलते ही इसे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के माध्यम से राज्यपाल मंगुभाई पटेल की अनुमति के लिए भेज दिया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इसी सप्ताह के अंत तक अध्यादेश की अधिसूचना जारी हो सकती है।
26 मई को सरकार ने मध्य प्रदेश नगर पालिक विधि (संशोधन) अध्यादेश 2022 अधिसूचित किया था।
इसमें नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए पात्रता आयु में संशोधन नहीं हो पाया था।
दरअसल, अभी अध्यक्ष पद के लिए पात्रता आयु 25 वर्ष या इससे अधिक निर्धारित है।
जबकि, पार्षद पद के लिए पात्रता आयु 21 वर्ष या इससे अधिक है।
यह व्यवस्था तब थी, जब अध्यक्ष का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली यानी सीधे जनता द्वारा होता था।
इस बार नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव पार्षद के माध्यम से होना है,
इसलिए नगर पालिक विधि में अध्यादेश के माध्यम से संशोधन प्रस्तावित किया गया है।
विभागीय मंत्री भूपेन्द्र सिंह प्रस्ताव को अनुमोदित कर चुके हैं और विधि एवं विधायी विभाग ने अध्यादेश के प्रारूप का परीक्षण कर लिया है।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग को इसे वरिष्ठ सचिव समिति को भेजना था,
लेकिन परिसीमन की अवधि को छह माह से घटाकर दो माह करने से पड़ने वाले असर को लेकर विचार-विमर्श चल रहा था।
सोमवार को तय किया गया कि नगरीय निकाय का परिसीमन चुनाव से दो माह पहले तक किया जा सकेगा।
18 जुलाई के बाद अध्यक्ष चुनने की होगी प्रक्रिया
नगर पालिका और परिषद के अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया 18 जुलाई को दूसरे चरण का चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद प्रारंभ होगी** कलेक्टर परिणाम घोषित होने के बाद 15 दिन के भीतर पार्षदों का सम्मेलन बुलाएंगे।
इसमें पार्षदों में से अध्यक्ष का चुनाव होगा**पात्रता आयु में संशोधन होने पर 21 वर्ष या उससे अधिक आयु का युवा भी अध्यक्ष बन सकेगा।
विधानसभा में प्रस्तुत होगा संशोधन विधेयक
नगरीय विकास एवं आवास विभाग नगर पालिक विधि में अध्यादेश के माध्यम से संशोधन करने के साथ विधानसभा में संशोधन विधेयक प्रस्तुत करने की तैयारी भी कर रहा है।
25 जुलाई से प्रारंभ हो रहे मानसून सत्र में इसे प्रस्तुत किया जाएगा।

