*क्या महंगा होगा पेट्रोल और डीजल,आने वाला है बड़ा संकट, एक्सपर्ट दे रहे हैं ये संकेत*
नई दिल्ली…….
विश्व के सबसे अहम तेल मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है।होर्मुज इस समय ग्लोबल मार्केट के लिए बड़ा संकट बन गया है।होर्मुज बंद होने से तेल सप्लाई पर भारी असर पड़ा है,लेकिन अभी तक इसकी पूरी मार मांग पर साफ तौर पर नहीं दिख रही है।वजह है कि अमीर देश अपने स्टॉक का इस्तेमाल कर रहे हैं और ज्यादा कीमत देकर भी तेल खरीद रहे हैं।हालांकि अब ट्रेडर्स चेतावनी दे रहे हैं कि आने वाले समय में इसका बड़ा झटका देखने को मिल सकता है।
*10% तक की आ चुकी है कमी,अगर होर्मुज जल्द नहीं खुला,तो लोगों को मजबूरी में कम तेल*
असल समस्या यह है कि सप्लाई में करीब 10 फीसदी तक की कमी आ चुकी है।अगर होर्मुज जल्द नहीं खुलता है,तो लोगों को मजबूरी में कम तेल इस्तेमाल करना पड़ेगा। यह या तो बढ़ती कीमतों की वजह से होगा या फिर सरकारें खुद खपत कम करने के लिए कदम उठाएंगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक लगभग 1 अरब बैरल तेल की सप्लाई पहले ही प्रभावित हो चुकी है, जो कि आपातकालीन भंडार से कहीं ज्यादा है।
*शुरुआती असर एशिया के पेट्रोकेमिकल सेक्टर में दिखा*
शुरुआती असर एशिया के पेट्रोकेमिकल सेक्टर में दिखा, लेकिन अब इसका असर धीरे-धीरे आम लोगों की जिंदगी तक पहुंच रहा है।अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के मुताबिक इस महीने वैश्विक तेल मांग में पिछले 5 साल का सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।
*इस संकट का सीधा असर ट्रांसपोर्ट और एविएशन पर*
इस संकट का सीधा असर ट्रांसपोर्ट और एविएशन सेक्टर पर भी पड़ रहा है।यूरोप और अमेरिका की कई एयरलाइंस ने हजारों फ्लाइट्स कैंसिल कर दी हैं। वहीं पेट्रोल और डीजल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं,जिससे आम लोगों की जेब पर असर पड़ रहा है।अमेरिका में पेट्रोल 4 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर पहुंच गया है,जिसके लोग कम पेट्रोल खरीद रहे हैं।
*सबसे अधिक चिंता डीजल को लेकर*
सबसे अधिक चिंता डीजल को लेकर है,क्योंकि यह पूरी दुनिया की सप्लाई चेन की रीढ़ माना जाता है।ट्रक,मशीनें और इंडस्ट्री सब कुछ डीजल पर चलता है।अगर डीजल की कमी बढ़ती है,तो सामान की आवाजाही और महंगाई दोनों पर बड़ा असर पड़ेगा। भारत जैसे देशों में भी एलपीजी और डीजल की सप्लाई को लेकर दबाव बढ़ सकता है।
*बड़ा खतरा अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो आसमान छू सकती हैं तेल की कीमतें*
एक और बड़ा खतरा यह है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि क्रूड ऑयल $150 से $250 प्रति बैरल तक जा सकता है। इससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ेगा और मंदी का खतरा भी बढ़ सकता है।
*विश्व के बड़े देश स्टाॅक का इस्तेमाल कर हालात संभालने की कर रहे कोशिश*
विश्व के बड़े देश अपने स्टॉक का इस्तेमाल कर हालात संभालने की कोशिश कर रहे हैं,लेकिन यह ज्यादा समय तक संभव नहीं है।अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जल्द नहीं खुलता है,तो आने वाले महीनों में लोगों को महंगे तेल,कम खपत और आर्थिक सुस्ती का सामना करना पड़ सकता है।

