मोदी व योगी के सामने ओवैसी सिफर
महराजगंज,देश में वर्ष 2024 में होने जा रहे आम चुनाव को देखते हुए बीजेपी दक्षिण भारत के राज्यों में अपना बेस बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
कर्नाटक के बाद अब उसकी नजर तेलंगाना पर लगी हुई है।
अपने इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हैदराबाद में रखी है।
इस बैठक के बहाने वाले वह तेलंगाना राष्ट्र समिति के चंद्रशेखर राव और के असदुद्दीन ओवैसी को भी घेरने का काम करेगी।
बाय बाय केसीआर इस ध्येय वाक्य के साथ 18 साल बाद हैदराबाद में हो रही बीजेपी (BJP) की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी और यूपी के फायरब्रांड सीएम योगी आदित्यनाथ भी भाग लेंगे।
पार्टी इस कार्यकारिणी बैठक के जरिए ये भी संदेश देगी कि अलग तेलंगाना राज्य बनाने में बीजेपी का योगदान कोई भुला नहीं सकता।
इसके लिए अलग तेलंगाना राज्य आंदोलन के दौरान बीजेपी अपने समर्थन और संसद में सुषमा स्वराज के ऐतिहासिक भाषण का भी जिक्र करेगी।
हैदराबाद में हो रही बीजेपी की बैठक तेलंगाना में अगले साल विधानसभा चुनाव है।
हाल के महीनों में पार्टी नेताओं की भाग दौड़ और सियासी जय से पार्टी नेता काफी उत्साहित भी हैं।
इसीलिए बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा के अध्यक्षीय कार्यकाल में पहली बार राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक दिल्ली से बाहर कराने का जब फैसला हुआ तो उसके लिए तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद का चुनाव हुआ।
कार्यकारिणी बैठक के आज के दिन से ही बीजेपी ने मुख्यमंत्री केसीआर के कार्यकाल के काउंटडाउन शुरू कर दिया है।
जनसंपर्क के लिए लगी पार्टी नेताओं की ड्यूटी
पार्टी ने घोषणा की है कि आज से 522 दिन तक केसीआर राज्य के मुख्यमंत्री हैं।
उसके बाद कार्यकारिणी बाद सत्ता परिवर्तन होगा और बीजेपी अपने दम पर राज्य में बहुमत की सरकार बनाएगी।
इसके लिए बीजेपी ने तैयारी भी शुरू कर दी है कार्यकारिणी की शुरुआत होने से पहले ही बीजेपी ने कार्यकारिणी के 119 वरिष्ठ और कनिष्ठ नेताओं को तेलंगाना के 119 विधानसभाओं में 48 घण्टे की ड्यूटी लगाई।
इसमे कई केंद्रीय मंत्री भी शामिल थे।
पीएम मोदी कल करेंगे ओवैसी के गढ़ में रैली
यही नहीं कार्यकारिणी का समापन होने के बाद 3 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शाम 4 बजे प्रसिद्ध परेड ग्राउंड में बड़ी रैली होगी।
इस रैली में पार्टी शासित राज्यों के सभी सीएम भी मौजूद रहेंगे।रैली को सफल बनाने के लिए 33000 बूथ संयोजक को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है.
यही नहीं पीएम की रैली के अलावा तेलंगाना फतह करने के लिए बीजेपी हैदराबाद पर अलग से फोकस किए हुए है।
कार्यकारिणी के सदस्य और कई केंद्रीय मंत्रियों को पार्टी ने अलग अलग समाज से सीधा संवाद करने की जिम्मेदारी भी सौंपी है।

