लखनऊ,
सेना में युवाओं की भर्ती को लेकर अग्निपथ योजना को लेकर दो दिन से चल रहे बवाल के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ डैमेज कंट्रोल में लगे हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार के बाद आज भी युवाओं को बड़ा आश्वासन दिया है।
इसको लेकर उन्होंने ट्वीट भी किया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ ही गृह मंत्री अमित शाह ने भी युवाओं को सयंमित रहने तथा धैर्य रखने की सलाह दी है।
अग्निपथ योजना को लेकर देश के कई राज्यों के साथ उत्तर प्रदेश में भी विरोध प्रदर्शन के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को बड़ा आश्वासन दिया है।
उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना में सफल होने के बाद अग्निवीर के पात्र होने वालों को नौकरियों में प्राथमिकता मिलेगी।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि केन्द्र सरकार ने इनकी अधिकतम आयु सीमा को 21 के स्थान पर 23 वर्ष किया है।
इसके साथ ही अग्निपथ योजना के तहत सेना में चार साल सेवा देने वाले अग्निवीरों उत्तर प्रदेश की नौकरियों में प्राथमिकता मिलेगी।
उन्होंने ट्वीट कर कहा कि अग्निपथ योजना में शामिल होकर सशस्त्र बलों के लिए काम करने वाले युवाओं को पुलिस और अन्य विभागों में प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने अपील की कि छात्र किसी के बहकावे में ना आएं।
अग्निपथ योजना को लेकर हो रहे बवाल के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने नाराज युवाओं को आश्वासन देते हुए ट्वीट किया कि युवा साथियों, देश की अग्निपथ योजना आपके जीवन को नए आयाम प्रदान करने के साथ ही भविष्य को स्वर्णिम आधार देगी।
आप किसी बहकावे में न आएं।
माँ भारती की सेवा हेतु संकल्पित हमारे
‘अग्निवीर राष्ट्र की अमूल्य निधि होंगे व उत्तर प्रदेश सरकार अग्निवीरों को पुलिस व अन्य सेवाओं में वरीयता देगी।
इससे पहले भी गुरुवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस योजना की तारीफ करते हुए कहा था कि अग्निपथ योजना युवाओं को राष्ट्र व समाज की सेवा हेतु तैयार करेगी।
उन्हें गौरवपूर्ण भविष्य का अवसर प्रदान करेगी।
यूपी की सरकार आश्वस्त करती है कि अग्निवीरों को सेवा के उपरांत उत्तर प्रदेश पुलिस व पुलिस के सहयोगी बलों में समायोजित करने में प्राथमिकता दी जाएगी।
केन्द्र सरकार में गृह तथा सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भी युवाओं को समझाने का प्रयास किया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अग्निपथ योजना में पहले वर्ष उम्र सीमा में दो वर्ष की रियायत देकर अधिकतम प्रवेश आयु 21 से 23 वर्ष करने का संवेदनशील निर्णय लिया है।
इसके लिए उनका आभार है।
इस निर्णय से बड़ी संख्या में युवा लाभान्वित होंगे और अग्निपथ योजना के माध्यम से देशसेवा व अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
पिछले दो वर्ष कोरोना महामारी के कारण सेना में भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हुई थी।
जिसे ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार ने पहले वर्ष उम्र सीमा में दो वर्ष की रियायत देकर अधिकतम प्रवेश आयु 21 से 23 वर्ष करने का निर्णय भी ले लिया है।

