राशन कार्ड, किस-किस को सरेंडर करना पड़ेगा,
लिस्ट जारी
भारत सरकार प्रत्येक राज्य में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को एक राशन कार्ड जारी करती है, जिसमें परिवार के प्रत्येक सदस्य का नाम लिखा होता है, जो हर महीने सस्ते गल्ले की दुकान से राशन उठा कर अपनी जिविका निर्वहन करते हैं
भारत सरकार के सहयोग से सभी राज्यों में सस्ता गेहूं, चावल आदि खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। ताकि गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और वे आसानी से जीवन यापन कर सकें।
लेकिन इस योजना में कई अपात्र लोग लाभ ले रहे हैं, जिससे सरकार को कुछ हद तक नुकसान हो रहा है और कुछ पात्र लोग योजना का लाभ लेने से वंचित हो रहे हैं.
इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश (यूपी) की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सभी अपात्र लोगों को बाहर करना शुरू कर दिया है
मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि अपात्र लोगों के अनुसार अपना राशन कार्ड स्वयं जमा करें अन्यथा अंतिम तिथि के बाद जांच कर अपात्र व्यक्तियों का राशन कार्ड निरस्त कर वसूली सहित कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
यूपी राशन कार्ड धारकों को कितना राशन मिलता है
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पात्र घरेलू राशन कार्ड
अब तक यूपी राशन कार्ड धारकों को प्रति सदस्य 5 किलो दिया जा रहा था, जिसमें चावल और गेहूं दिया जा रहा है और समय-समय पर तेल, नमक, चना, चीनी, दाल आदि खाद्य सामग्री दी जा रही है।
अन्त्योदय राशन कार्ड
प्रत्येक राशन कार्ड पर 35 किलो राशन दिया जाता है, यह परिवार के सदस्यों पर निर्भर नहीं है, सभी को 35 किलो मिलता है।
UP राशन कार्ड अपात्र लोग जिनके पास ये सब हैं तुरंत सरेंडर कर दें |
अपात्रता सूची | इन लोगों को राशन कार्ड का लाभ नहीं मिलेगा
जिस परिवार में कोई भी सदस्य आयकार दाता (Income Tax) हो।
ग्रामीण में 2 लाख प्रति वर्ष और शहरो में 3 लाख प्रति वर्ष से अधिक पारिवारिक आय हो ।
5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि न हो
जिन परिवार के घर में AC लगा हो।
जिसके के पास ट्रैक्टर हैं।
जिस परिवार में कोई भी चार पहिया वाहन हैं।
5 KVA से ज्यादा क्षमता से जनरेटर हो।
एक या एक से अधिक हथियार का लइसेंस हैं।
100 वर्ग मीटर (1076.39 वर्ग फिट) का प्लॉट, फ्लेट या मकान,

