दो दिन के आगजनी में लगभग 8,000 एकड़ गेंहू जलकर खाक
महराजगंज, सदर तहसील अंतर्गत तो दिनों में1 आग लग जाने से कई ग्राम सभाओं में गेहूं की खड़ी फसल जलकर खाक हो गई।प्राप्त खबर के अनुसार 15/4/2022 व16/4/2022को भयंकर आग लगजाने के कारण किसानों की भयानक छति हुई है।जिसमे प्रथम दिन बरवा खुर्द,बरवा फहीम,महदेवा, रामपुर(2),खेमपिपरा, मठिया,पकड़ी, किर्तपिपरा, इमिलिया,सिसवा राजा,रामनगर,दरौली,अगया,अजमतपुर, अकठिया टोला, तथा दूसरे दिन आग लगजाने से गिदहा, किर्तपिपरा, पकड़ी,इमिलिया,दरौली ,शिकारपुर में लगभग 8,000 एकड़ जलकर खाक बनगई।जबकी आगजनी से बचाने के प्रयास में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने नायब तहसीलदार तिवारी जी ने इन ग्राम सभा के समस्त लेखपालो की ड्यूटी आग बुझाने के लिए ,स्वतः साथ साथ लगे रहे,परन्तु होनी तो होकर रहे अनहोनी ना होय……ही चरितार्थ होकर रही।यह प्रचण्ड आग किसानों के मेनहत पर पानी फेरने का काम किया।सूत्रों के अनुसार ग्रामीण अंचलों की माताएं व बहने अपने घरों पर रोती विलखती नजर आ रही है।लगभग 70 वर्षीय भरत प्रसाद बजुर्गो का कहना है कि इस तरफ की आगजनी जीवन का पहला दृश्य देखने को मिला है।इन्होंने कहा कि यह आगजनी नही लंकादहन था,कुछ बचा ही नही है अब तो बच्चो के भीख मांगने पर भी झोली में कौन क्या डालेगा जब किसी की खेती बची ही नही है।अब किसान शासन के मंशा के इंतजार में आस लगाए बैठी है।

