बिमारिओ का घर बना राइसमिल,लोग बनते जा रहे मरीज
महराजगंज ,शिकारपर प्रदूषण विभाग द्वारा लागू नियमों के अनुसार सभी राइस मिलों को चिमनी से निकलने वाले धुएं पानी को फिल्टर करने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाना अनिवार्य है, जिससे समस्या कम हो सके। } अधिकतर राइस मिलर्स रिहायशी इलाके में हैं। इनकी चिमनियों से निकलने वाले धुएं के कारण सुबह घर की छतों आंगन में राख की एक परत जमी होती है।जिसके श्रेणी में शिकारपुर में स्थित राइसमिल से निकलती प्रदूषण से लोगो को भयंकर बिमारिओ का सामना करना पड़ रहा है।इसी क्रम में शिकारपुर का राइस मिल अपने प्रदूषण से लोगो दे रहा भयानक विमारिओ का निमंत्रण।शिकारपुर के लोगो का कहना है कि इस राइसमिल के चलने से गांव में घुलभरी आंधी के कारण घरों पर घुल की मोटी परत जम जाती है,जिसके कारण ग्रामीणो को अपने घर के छत व दरवाजे पर बैठना,सोना दुभर हो गया है।लोगो ने यह भी बताया कि इस राइसमिल के प्रदूषण से कई लोगों को सांस की बीमारियां भी हो गई जिससे लोगो का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।जब इस बात की पुष्टी ग्राम प्रधान से की गई तो उन्होंने बताया कि इस धूल व धुंए के संक्रमण को फैक्ट्री मालिक से की कई बार कहा गया,परन्तु वह बात मानने को तैयार नही होता,बातों को अनसुनी कर देता है।प्रधान पति का कहना है कि इस मिल के प्रदूषण से कई घरों में लोग बीमार है अधिकतर तो खाँसी व स्वास के मरीज होते जा रहे है।

