*संगठन का मूल उद्देश्य समाज के निचले पायदान पर खड़े लोगों को न्याय दिलाना*✍️
*व उनके अधिकारों को सुरक्षित एवं संरक्षित करना*
*न्याय हर दरवाजे तक” के संकल्प के साथ बढ़ रहा राष्ट्रीय लोक न्याय एवं मानवाधिकार परिषद ट्रस्ट**
समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और मानवाधिकार की अलख जगाने के उद्देश्य से *राष्ट्रीय लोक न्याय एवं मानवाधिकार परिषद ट्रस्ट* का विधिवत गठन एवं रजिस्ट्रेशन पूरा हो चुका है। ट्रस्ट अब पूरे भारत में तेजी से अपने संगठनात्मक ढांचे का विस्तार कर रहा है।
*अनुभवी नेतृत्व, स्पष्ट विजन*
ट्रस्ट से देशभर के योग्य, अनुभवी और शिक्षित समाजसेवी, अधिवक्ता, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी एवं शिक्षाविद ट्रस्ट के हमारे पूजनीय सम्मानित राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अजय उपाध्याय जी, श्री देवेंद्र सिंह जी बघेल साहब प्रशासनिक अधिकारी,
एवं हम सभी के मार्गदर्शक एवं संरक्षक श्री कुलदीप सिंह जी राठौर साहब, सहित अन्य सम्मानित पदाधिकारी जो प्रमुख रूप से इस ट्रस्ट में जुड़े हुए हैं। संगठन का कोर एजेंडा है – “निचले पायदान पर खड़े पीड़ित, दबे-कुचले, वंचित वर्ग को समयबद्ध न्याय दिलाना और समाज में फैली बुराइयों के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाना।”
*क्या करेगा संगठन? मुख्य उद्देश्य*
1. *निशुल्क कानूनी सहायता*: गरीब पीड़ितों को कोर्ट-कचहरी, थाना-तहसील में वकील व मार्गदर्शन उपलब्ध कराना।
2. *मानवाधिकार संरक्षण*: महिला उत्पीड़न, बाल श्रम, बंधुआ मजदूरी, पुलिस ज्यादती जैसे मामलों में पीड़ित की आवाज बनना।
3. *लोक अदालतों का प्रचार*: छोटे विवादों को लोक अदालत के जरिए सस्ता व त्वरित न्याय दिलाने के लिए गांव-गांव शिविर लगाना।
4. *भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम*: RTI, सोशल ऑडिट और जनसुनवाई के जरिए सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाना।
5. *सदस्यता अभियान*: देश के हर जिले, ब्लॉक व ग्राम स्तर तक सक्रिय, ईमानदार और समाज के प्रति समर्पित सदस्यों को जोड़कर मजबूत नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।
*राष्ट्रीय अध्यक्ष का बयान*
ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा, “हमारा मकसद सिर्फ कागजी संगठन बनाना नहीं है। जहां सिस्टम थक जाता है, वहां हम पीड़ित के साथ खड़े होंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य, सम्मान और न्याय – ये हर नागरिक का हक है। इसे दिलाना ही हमारा धर्म है।”
*कैसे जुड़ें?*
संगठन से जुड़ने के लिए समाजसेवा की भावना रखने वाले युवा, अधिवक्ता, रिटायर्ड अधिकारी व जागरूक नागरिक आवेदन कर सकते हैं। सदस्यता पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत दी जा रही है।
*आगे की योजना*: अगले 3 माह में उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित 12 राज्यों में जिला इकाइयों का गठन पूरा कर जन-समस्या निवारण कैंप लगाए जाएंगे।
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_नोट: यह सूचना संगठन द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है। जनहित में जारी। आप सभी का शुभचिंतक (आईबी सिंह)🙏_

