एक बार सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर और अटल जी बहुत ही हल्के-फुल्के मूड में गपशप कर रहे थे। अचानक अटल जी ने अपनी चिर-परिचित मुस्कान के साथ कहा— “लता जी, क्या आपको पता है कि आपका और मेरा नाम एक ही धागे से जुड़ा है?”
लता जी हैरान! उन्होंने कहा— “अटल जी, मैं कुछ समझी नहीं?
अटल जी ने शरारत भरी आंखों से कहा— “बस मेरा पहला नाम उल्टा पढ़कर देख लीजिए… ATAL को उल्टा करेंगे तो वो LATA बन जाएगा!”
लता जी की हंसी रुकने का नाम नहीं ले रही थी। शब्दों का ऐसा तालमेल सिर्फ अटल जी ही बिठा सकते थे।
दूसरा किस्सा उनकी ऐतिहासिक लाहौर बस यात्रा का है। प्रेस कॉन्फ्रेंस चल रही थी, तभी एक पाकिस्तानी महिला पत्रकार ने शरारत करते हुए पूछा— “अटल जी, आपने अभी तक शादी क्यों नहीं की? मैं आपसे शादी को तैयार हूँ, लेकिन मेरी एक शर्त है… आपको मुझे मुँह दिखाई में ‘कश्मीर’ देना होगा।”
पूरा हॉल सन्न रह गया! लेकिन अटल जी? वे तो अटल थे। उन्होंने बिना पलक झपकाए मुस्कुराकर कहा “ठीक है, मुझे आपकी शर्त मंजूर है। लेकिन मेरी भी एक शर्त है… बदले में मुझे पूरा ‘पाकिस्तान’ दहेज में चाहिए!”
पूरे हॉल में सन्नाटा छा गया और फिर तालियों की गड़गड़ाहट ने बता दिया कि भारत का प्रधानमंत्री शब्दों से खेलना भी जानता है और देश की रक्षा करना भी।
अटल जी का व्यक्तित्व हिमालय जैसा विशाल और गंगा जैसा सरल था। वे विरोधियों के भी प्रिय थे और देश की शान भी।
अटल जी का कौन सा किस्सा आपको सबसे ज्यादा क्केया…..
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