🔥 “पुनर्गठन से नई धार: राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत ने कोर कमेटी को दी आक्रामक दिशा, जवाबदेही तय” 🔥
मऊ। देश की पत्रकारिता के परिदृश्य में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाते हुए राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत ने अपनी राष्ट्रीय कोर कमेटी विश्व 26 का व्यापक पुनर्गठन कर संगठनात्मक मजबूती का स्पष्ट संदेश दिया है।
24 मार्च 2026 को आयोजित एक खुली और प्रभावशाली बैठक में, राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश सिंह के नेतृत्व में लिए गए निर्णयों ने यह साबित कर दिया कि संगठन अब केवल नाम भर नहीं, बल्कि ज़मीनी सक्रियता और जवाबदेही के साथ आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।
बैठक में राष्ट्रीय स्तर से लेकर जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर तक के पदाधिकारियों की भूमिकाओं की गहन समीक्षा की गई।
सुझावों को लोकतांत्रिक तरीके से स्वीकार करते हुए नई जिम्मेदारियों का वितरण किया गया।
जिससे हर पदाधिकारी को उसकी क्षमता और कार्यशैली के अनुरूप दायित्व सौंपे जा सकें।
राष्ट्रीय कोर कमेटी (विश्व 26) – प्रमुख पदाधिकारी
जगदीश सिंह – राष्ट्रीय अध्यक्ष
पूनम सिंह – राष्ट्रीय अध्यक्ष
देवेंद्र सिंह – राष्ट्रीय पर्यवेक्षक
मुरली मनोहर पांडे – राष्ट्रीय सचिव
शमशेर गाजीपुर – राष्ट्रीय महासचिव
संतोष नयन – राष्ट्रीय सचिव
भागवत द्विवेदी – राष्ट्रीय संगठन प्रभारी
अनिल यादव – अवध प्रांत अध्यक्ष
साबिर अहमद – पूर्वांचल प्रदेश अध्यक्ष
विनोद सिंह – प्रदेश प्रवक्ता
पिंटू सिंह – राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष
डॉ. अशोक चौहान – राष्ट्रीय संयोजक एवं प्रभारी अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश
संगठन का स्पष्ट संदेश: अनुशासन और जवाबदेही सर्वोपरि
बैठक में यह स्पष्ट कर दिया गया कि अब संगठन में निष्क्रियता या उदासीनता के लिए कोई स्थान नहीं होगा।
प्रत्येक पदाधिकारी और कार्यकर्ता को अनुशासन, निष्ठा और सक्रियता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा।
संगठन ने यह भी तय किया है कि जो लोग अपनी जिम्मेदारियों के प्रति लापरवाह हैं, उन्हें चिन्हित कर उनकी जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
पत्रकार सुरक्षा पर बड़ा एजेंडा
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बैठक में स्पष्ट घोषणा की कि पत्रकारों की सुरक्षा अब संगठन की प्राथमिकता में सबसे ऊपर रहेगी।
इसके लिए पत्रकार सुरक्षा कानून लागू कराने हेतु शासन-प्रशासन के समक्ष ठोस और चरणबद्ध मांगें रखी जाएंगी।
साथ ही, पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष तेज किया जाएगा।
मतभेद खत्म, समन्वय पर जोर
संगठन के भीतर किसी भी प्रकार के मतभेद को समाप्त करने और आपसी सामंजस्य स्थापित करने के लिए विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
नेतृत्व ने साफ किया कि व्यक्तिगत अहंकार से ऊपर उठकर संगठनात्मक हित को सर्वोपरि रखना होगा।
आने वाले समय में और बड़े बदलाव के संकेत
इस पुनर्गठन को केवल शुरुआत बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, आने वाले समय में संगठन में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
जो इसे राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रभावशाली बनाएंगे।
अंत में, संगठन ने अपने मूल मंत्र को दोहराते हुए कहा —
“पत्रकारिता हमारा जुनून है, और हर पत्रकार की सुरक्षा व सम्मान हमारी जिम्मेदारी।”
यह पुनर्गठन न केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया है, बल्कि एक सशक्त संदेश है कि राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत अब मिशन मोड में काम करेगा — पूरी ताकत, स्पष्ट नीति और अडिग संकल्प के साथ।

