विवाह एक परम्परा है और विवाह का नाम लेकर ही सेक्स किया जाता है!!
जिससे बच्चे उत्पन्न होते हैं!!
अब यह सेक्स करने के लिए जिसे परम्परा बताकर स्त्रियों को मूर्ख बनाया गया है एक खूबसूरत षड्यंत्र है!!
जो समाज के ठेकेदारों ने बनाया था ताकि स्त्रियों को गुलाम बनाकर रखा जा सके!!
चलो विवाह परम्परा है तो मर्द क्यूँ नहीं जाता घर छोड़कर स्त्री के घर रहने के लिए…….
कई बार स्त्रियाँ ज्यादा सशक्त समृद्ध होती है तो उन्हें घर जमाई कहने लगते हैं!!
स्त्रियाँ पति के पूरे खानदान की जी हजूरी करे और मर्द सास ससुर के पाँव तक नहीं छुए!!
स्त्रियाँ घूंघट करे घरेलू कार्य करे बच्चों को सम्भाले झाड़ू पोछा बर्तन साफ करे कुल मिलाकर नौकरानी बने दासी बने विवाह के नाम पर परम्पराओं के नाम पर!!
जबकि लड़का ना ससुराल वालों को इज्जत देता है ना सम्मान देता है ना ससुराल जाकर एक कप चाय बनाकर सबको देता है…..
लड़की ससुराल वालों के टॉयलेट तक साफ़ करती है और दामाद किसी को एक कप चाय बनाकर भी नहीं देता…..
उसे महाराजाओं जैसा सम्मान दिया जाता है ससुराल में क्युकी परम्पराएं है…..
तो सुनो यह परम्पराएं मर्दों ने बनायी है और अब स्त्रियाँ अस्वीकार करती है भाड़ में जाए ऐसी परम्पराएं ऐसा सेक्स ऐसा विवाह ऐसे बच्चे जिनको पाने के लिए स्त्रियों को अपना अस्तित्व ही दांव पर लग जाये..धिक्कार है ऐसे माता-पिता को जो अपने कलेजे के टुकड़े को सेक्स के लिए दूसरे के घर बर्तन साफ करने और गुलामी करने के लिए भेज देते हैं…तब क्या फर्क है विवाह में और किसी दुबई के शेख को बेचने में… आजादी दोनों जगह छीनी जाती है सम्मान दोनों जगह कुचला जाता है!! पति को दहेज और देते हैं ऊपर से रखकर की दामाद जी सील अच्छे से तोड़ना…और फिर स्त्रियों के साथ शेख और ससुराल दोनों एक जैसा व्यवहार करते हैं उन्हें मानसिक शारीरिक आर्थिक प्रताड़ना देते हैं आखिर कब तक स्त्रियों को परम्पराओं के नाम पर ठगा जाएगा..कोई तो स्त्रियों को समझाएगा हकीकत में विवाह स्त्रियों को खरीदने बेचने का खूबसूरत षडयंत्र है जो सदियों से चला आ रहा है..अतः विवाह कीजिए लेकिन इतनी बड़ी कीमत चुकाकर नहीं अपने घर में रहे परिवार में रहे किसी के खानदान की सेवा करने के लिए जाना बंद कीजिए…स्वावलंबी बने सशक्त बने ✍️
नोट..पोस्ट चोरी नहीं कीजिए शेयर कीजिए कॉपी पेस्ट करना सख्त मना है!!
डॉक्टर विजया सिंह #drvijayasingh #drvijayrani #everyone #women #rajasthan

