राजकुमार चौहान हत्याकांड के बाद प्रशासन की मुस्तैदी, हर स्तर पर दिखी संवेदनशीलता
-अधिकारियों से लेकर मंत्री तक रहे मौजूद, सुरक्षा व अंतिम संस्कार तक प्रशासन ने निभाई जिम्मेदारी
गोरखपुर । पार्षद प्रतिनिधि राजकुमार चौहान की निर्मम हत्या के बाद जहां एक ओर क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल रहा, वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन और पुलिस ने तत्परता, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए हालात को संभालने में कोई कसर नहीं छोड़ी। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों का पूरा अमला मौके पर पहुंच गया और स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ कर दी गई।
घटनास्थल पर डीआईजी रेंज एस. चनप्पा, जिलाधिकारी दीपक मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ, पुलिस अधीक्षक सिटी निमिष पाटिल एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह, एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र, एसपी साउथ दिनेश कुमार, एडीएम सिटी निमिष पाटिल, सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता और सीओ कैंपियरगंज अनुराग सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी तत्काल पहुंच गए। अधिकारियों ने मौके का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जनपद की पुलिस फोर्स को तैनात किया गया, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए और पुलिस लगातार निगरानी करती रही। प्रशासन की प्राथमिकता साफ तौर पर कानून-व्यवस्था को बनाए रखना और आमजन में विश्वास कायम करना रही।
घटना के बाद मृतक के आवास पर भी प्रशासनिक सक्रियता देखने को मिली। उत्तर प्रदेश सरकार के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान और राज्यसभा सांसद राधा मोहन दास अग्रवाल स्वयं मृतक के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि सरकार इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
मंत्री दारा सिंह चौहान ने स्पष्ट रूप से कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उन्होंने परिवार की हर जरूरत को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का आश्वासन दिया।
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राजकुमार चौहान का पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में राहिन नदी के घाट पर उनका अंतिम संस्कार कराया गया। इस दौरान भी प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा और हर व्यवस्था को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया गया।
अंतिम संस्कार स्थल तक मंत्री दारा सिंह चौहान, डीएम दीपक मीणा एसएसपी डॉ कोस्तुभ एसपी सिटी निमिष पाटिल एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव एसडीएम दीपक गुप्ता सीओ कैंपियरगंज अनुराग सिंह, सीओ कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी, जेल अधीक्षक सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल घाट मौजूद रहे । अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सम्मानजनक तरीके से संपन्न हो वहीं हुआ भी ।
पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रशासन की सक्रियता साफ तौर पर देखने को मिली। न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया, बल्कि परिजनों की भावनाओं का भी पूरा ख्याल रखा गया। हर स्तर पर अधिकारियों ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए यह संदेश देने की कोशिश की कि प्रशासन हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़ा है।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई और व्यवस्था की सराहना की। उनका कहना है कि जिस तरह से अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और लगातार निगरानी बनाए रखी, उससे क्षेत्र में शांति बनी रही और किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होने पाई।
यह घटना बेहद दुखद रही ,उसके बाद जिस तरह से प्रशासन और पुलिस ने समन्वय बनाकर कार्य किया, वह एक सकारात्मक संदेश देता है। कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन की प्रतिबद्धता और आमजन के प्रति उसकी जिम्मेदारी इस पूरे घटनाक्रम में स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
फिलहाल पुलिस जहां एक ओर मामले की गहन जांच में जुटी है, वहीं प्रशासन पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दिलाने के प्रयास में लगा हुआ है। आने वाले समय में इस मामले में और भी ठोस कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
कुल मिलाकर, इस संवेदनशील घटना के बाद प्रशासन ने जिस तत्परता, समन्वय और संवेदनशीलता के साथ कार्य किया, उसने यह साबित कर दिया कि संकट की घड़ी में शासन-प्रशासन पूरी मजबूती के साथ जनता के साथ खड़ा रहता है।

