उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक दुर्लभ और सख्त कार्रवाई करते हुए डिप्टी एसपी कृपा शंकर कन्नौजिया को उनके मूल पद सिपाही पर डिमोट कर दिया है।
59 वर्षीय कन्नौजिया तीन साल पहले (2021 में) उन्नाव जिले के बीघापुर में सर्किल ऑफिसर (CO) के पद पर तैनात थे .
उन्होंने परिवार में किसी समस्या का हवाला देकर छुट्टी ली थी, लेकिन अपने घर नहीं गए।
इसके बजाय, वह एक महिला सिपाही के साथ कानपुर के एक होटल में चले गए और अपने दोनों मोबाइल फोन (निजी और सरकारी) बंद कर लिए . जब परिवार वालों से उनका संपर्क नहीं हो सका, तो उनकी पत्नी ने वरिष्ठ अधिकारियों से मदद मांगी।
पुलिस टीम ने फोन की लोकेशन ट्रेस की और होटल से उन्हें महिला सिपाही के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया।
होटल के सीसीटीवी फुटेज से भी इसकी पुष्टि हुई .
इस मामले में विभागीय जांच चल रही थी।
अब जांच पूरी होने पर यूपी सरकार ने यूपी सरकारी सेवक (आचरण एवं अपील) नियम, 1999 के तहत उन्हें सीधे कांस्टेबल बनाने का आदेश दिया है।
उनकी सभी प्रमोशन रद्द कर दी गई हैं और उन्हें गोरखपुर में 26वीं PAC बटालियन में तैनात किया गया है ।
कन्नौजिया के पास रिटायरमेंट में अब सिर्फ एक साल बचा है और उन्हें अब सिपाही के तौर पर ड्यूटी करनी होगी।
. इस कार्रवाई को पुलिस बल में अनुशासनहीनता पर एक सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

