मेरी कहानी : एक चेतावनी, एक उम्मीद- संगम भारती
मेरा नाम संगम भारती है। आज मैं अपनी जीवन-कहानी इसलिए लिख रही हूँ, ताकि मेरी तरह कोई और माँ, बहन या बेटी एक छोटी-सी लापरवाही की बड़ी क़ीमत न चुकाए।
शादी के दो वर्ष बाद मुझे पहला बच्चा हुआ और उसके एक वर्ष बाद दूसरा। उसी दौरान मुझे स्तन (Breast) में एक छोटी-सी गांठ महसूस हुई। मैंने उसे सामान्य समझकर अनदेखा कर दिया। समय बीतता गया, लेकिन मैंने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
कुछ महीनों बाद वह गांठ बीमारी का रूप लेने लगी। मैंने अपने पति को बताया, लेकिन उन्होंने इसे वहम समझा और डॉक्टर को दिखाने की आवश्यकता नहीं समझी। मैं भी कुछ समय तक यही सोचती रही कि शायद सब ठीक हो जाएगा।
लेकिन एक दिन मैंने निर्णय लिया कि अब जाँच कराना ही होगा। ज़िद करके मैं डॉक्टर के पास गई। डॉक्टर ने तुरंत जाँच लिखी और जब रिपोर्ट आई तो वह पल मेरे जीवन का सबसे भयावह क्षण था- सेकेंड स्टेज ब्रेस्ट कैंसर।
उस समय ऐसा लगा जैसे ज़मीन मेरे पैरों के नीचे से खिसक गई हो। मेरे बच्चे बहुत छोटे थे-एक तो सिर्फ डेढ़ साल का था। बीमारी बड़ी थी और जिम्मेदारियाँ उससे भी बड़ी।
डॉक्टर ने तुरंत कीमोथेरेपी की सलाह दी। कीमो के नाम से ही मैं डर गई थी। बहुत कुछ सुन रखा था, इसलिए मैं वहाँ से लौट आई। बाद में मेरे पति ने मेरा पूरा साथ दिया।
मैंने तय किया कि मैं आयुर्वेदिक उपचार कराऊँगी। हरिद्वार जाकर योग, ध्यान, सख़्त दिनचर्या और आहार का पालन किया। इससे बीमारी न तो बढ़ी, न घटी। नुकसान नहीं हुआ, लेकिन राहत भी नहीं मिली।
आख़िरकार मुझे यह समझ में आया कि अब निर्णायक कदम उठाना होगा। मैंने खुद सर्जरी के लिए कहा। पहले कीमो, फिर सर्जरी और उसके बाद रेडिएशन-यह सब मेरे जीवन के सबसे कठिन दिन थे।
सबसे पीड़ादायक वह क्षण था जब मेरे बाल गिरने लगे। एक औरत के लिए उसके बाल सिर्फ़ सौंदर्य नहीं, आत्मसम्मान भी होते हैं। कुछ ही समय में मेरे सारे बाल गिर गए। वह दर्द शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।
लेकिन आज मैं यह लिख पा रही हूँ क्योंकि- आज मैं कैंसर मुक्त हूँ।
यह सफर लंबा, कठिन और मानसिक रूप से तोड़ने वाला था, लेकिन मेरे पति ने हर कदम पर मेरा साथ दिया और वही मेरी सबसे बड़ी ताकत बने।
मेरी अपील
मैं यह लेख सहानुभूति के लिए नहीं, बल्कि जागरूकता के लिए लिख रही हूँ-स्तन में किसी भी प्रकार की गांठ को कभी भी हल्के में न लें
डर, संकोच और देरी जानलेवा हो सकती है
समय पर डॉक्टर की सलाह लें, जाँच कराएँ