कैंसर से पीड़ित क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खान चंद सिंह के निधन पर मछली शहर सांसद प्रिया सरोज ने शोक व्यक्त किया। कहा कि पिता का साया सिर से उठ जाना जीवन की सबसे बड़ी क्षति होती है।
दुख की घड़ी में उनकी संवेदनाएं रिंकू सिंह और उनके स्वजन के साथ है।
प्रिया सरोज ने आगे लिखा ”उन्होंने जीवन में संघर्ष किया और जब आराम करने का समय आया तो असमय दुनिया से चले गए। उनके निधन से बहुत पीड़ा हुई। प्रिया सरोज ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिवार को दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। विदित हो कि प्रिया सरोज की सगाई रिंकू सिंह से हुई है।” उधर, केराकत विधायक व प्रिया सरोज के पिता तूफानी सरोज ने बताया कि उनका छोटा बेटा रिंकू सिंह के यहां गया है।
बुलंदशहर के मूल निवासी खानचंद करीब 25 वर्ष पहले रोजगार की तलाश में अलीगढ़ आए। गोविला गैस एजेंसी में काम किया। एजेंसी परिसर के क्वार्टर में पत्नी, पांच बेटे व एक बेटी के साथ रहे। साइकिल से सिलेंडर घर-घर पहुंचाना दिनचर्या बन गई थी। रिंकू को बचपन से ही क्रिकेट का शौक था। परिवार के हालात को देखते हुए पिता चाहते थे कि वह पढ़-लिखकर नौकरी करे, लेकिन रिंकू के सपने के आगे उन्हें झुकना पड़ा।
पिता ने सिलेंडर ढोते हुए ही उसके सपने को पूरा करने में हरसंभव सहयोग किया। इस बीच ऐसे भी हालात बने कि रिंकू को कभी झाड़ू-पोंछा तक लगाने का विचार करना पड़ा। कड़ी मेहनत के बल पर रिंकू ने उत्तर प्रदेश की अंडर- 16, अंडर- 19, और अंडर- 23 टीमों के साथ-साथ सेंट्रल जोन से खेलते हुए रणजी ट्राफी तक का सफर तय किया।
आईपीएल में लगातार पांच बॉल पर पांच छक्के लगाकर घर के हालात बदल दिए। डेढ़ वर्ष पहले पिता को खतरनाक बीमारी ने घेर लिया। टी – 20 विश्व कप समाप्त होने के बाद जून में मछली शहर की सपा सांसद प्रिया सरोज से रिंकू की शादी की तैयारी चल रही थी।
लेकिन, सोमवार की रात 59 वर्षीय खान चंद की तबीयत बिगड़ने से पूरा परिवार सहम गया। मंगलवार की सुबह यथार्थ हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। अंतिम यात्रा में शामिल होने प्रिया सरोज भी आईं, मगर रिवाजों के चलते वे रिंकू के घर नहीं गईं। अपने बहनोई न्यायिक अधिकारी अशोक कुमार के यहां रुकीं। उनकी मां, बहन व भाई रिंकू के घर गए।

