संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र स्थित मीट मंडी में मौलाना शमशुल हुदा के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी जारी है।
यह कार्रवाई सुबह करीब आठ बजे शुरू हुई।
जिसके बाद से ईडी की टीम घर के भीतर मौजूद परिजनों से पूछताछ कर रही है।
छापेमारी स्थल के बाहर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों की तैनाती की गई है।
सुरक्षा के मद्देनजर किसी भी व्यक्ति को घर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, ईडी की टीम मौलाना की पत्नी और बहू से पूछताछ कर रही है।
जबकि उनका बेटा तौसीफ रजा घर पर मौजूद नहीं बताया जा रहा है।
इस पूरे मामले की जांच आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) भी कर रहा है।
एटीएस की जांच में यह सामने आया था कि मौलाना शमशुल हुदा ने वर्ष 2013 में भारतीय नागरिकता त्यागकर ब्रिटेन की नागरिकता ले ली थी। वह वर्ष 2007 से लंदन में रह रहे थे।
इसके बावजूद, आधिकारिक अभिलेखों में उन्हें वर्ष 2017 तक आजमगढ़ स्थित एक मदरसे में सहायक अध्यापक के रूप में कार्यरत दर्शाया गया।
इस दौरान वेतन और पेंशन का लाभ लेने का भी मामला सामने आया है।
अनियमितताओं के उजागर होने के बाद संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।
विदेशी फंडिंग और संपत्ति निर्माण के आरोप
मौलाना शमशुल हुदा खान पर आरोप है कि उन्होंने विदेश से मदरसे के लिए फंड जुटाने के नाम पर ‘कुलियातुल बनातीर रजबिया एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी’ तथा ‘रजा फाउंडेशन’ नामक एनजीओ BritishMaulanaआरोप है कि खलीलाबाद में एक मदरसे का निर्माण कराकर उसके माध्यम से विदेशों से बड़ी मात्रा में फंड एकत्र किया गया।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इसी विदेशी फंडिंग के जरिए बड़ी संपत्ति अर्जित की गई।
फिलहाल ईडी और एटीएस पूरे मामले की गहन जांच कर रहे हैं। दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल की जा रही है।

की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
