साइबर सिटी गुरुग्राम के पालम विहार से सामने आया यह मामला बुजुर्गों की सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। 67 वर्षीय एक बुजुर्ग को अंतर्राज्यीय हनी ट्रैप गैंग ने सुनियोजित साज़िश के तहत फंसाने की कोशिश की—जहां दोस्ती की आड़ में ब्लैकमेलिंग और झूठे केस की धमकी दी गई।🔥👍👍😢😢
पुलिस जांच के अनुसार, रोहतक निवासी 24 वर्षीय कंचन कुमारी इस गिरोह की मास्टरमाइंड बताई जा रही है। मिस्ड कॉल से शुरू हुई बातचीत भरोसे में बदली और फिर योजना के तहत बुजुर्ग को एक पीजी में बुलाया गया। वहां आरोप है कि पहले से मौजूद साथियों ने आपत्तिजनक वीडियो बनाकर बाद में लाखों रुपये की मांग शुरू कर दी। एक कथित वकील द्वारा कानूनी डर दिखाकर दबाव बनाया गया।😢😢👍👍
लेकिन इस बार कहानी बदली।
सामाजिक बदनामी के डर के बजाय बुजुर्ग ने साहस दिखाया और सबूतों के साथ Ekam Nyaya Foundation की संस्थापक व एक्टिविस्ट दीपिका नारायण भारद्वाज से संपर्क किया। उनकी पहल और गुरुग्राम पुलिस की त्वरित कार्रवाई से जाल बिछा और तीनों आरोपी गिरफ्तार हो गए।👍👍👍💪
गुरुग्राम पुलिस की सख़्त सलाह (Senior Citizens के लिए):
अनजान नंबरों से आने वाली कॉल/वीडियो कॉल और दोस्ती के प्रस्तावों से सावधान रहें
हनी ट्रैप बुजुर्गों के लिए भी बड़ा ख़तरा है
ब्लैकमेलिंग की स्थिति में घबराएं नहीं—तुरंत पुलिस या 1930 साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें
यह मामला दिखाता है कि जागरूकता और त्वरित कार्रवाई से ऐसे अपराधों पर लगाम लग सकती है।

