*कृष्ण नाम की महीमा*
*भ्रष्टाचार से मुक्त रहने की एक कथा*
जब ‘मैं-मैं’ करने वाली एक बकरी जपने लगी ‘कृष्ण-कृष्ण’! एक अद्भुत कथा। 🕉️✨
यह कथा ‘नाम की महिमा’ का अद्भुत उदाहरण है।
एक बार एक गाँव के बाहर महात्माओं ने यज्ञ किया। पूजा के दौरान उन्होंने चंदन से पत्तों पर ‘श्री कृष्ण’ का नाम लिखा। संयोगवश, वहाँ चर रही एक बकरी ने वह ‘कृष्ण नाम’ अंकित पत्ता खा लिया।
🌿 अद्भुत परिवर्तन:
पत्ता खाते ही एक चमत्कार हुआ! जो बकरी पहले अपनी स्वाभाविक बोली में “मैं-मैं” करती थी, अब उसके मुख से केवल “कृष्ण-कृष्ण” निकलने लगा।
संतों का कहना सत्य है, जब ‘कृष्ण’ नाम अंदर जाता है, तो जीव का ‘मैं’ यानी ‘भ्रष्टाचार रुपी अहंकार’ अपने आप समाप्त हो जाता है।
🙏 भक्त की कठिन यात्रा:
इस बदलाव के कारण बाकी बकरियों ने उसे अपनी टोली से बाहर कर दिया और मालिक ने उसे बीमार समझकर जंगल में छोड़ दिया।
वहाँ से एक चोर उसे ले गया और एक गरीब, भोले किसान को बेच दिया। उस भोले व भले किसान को बकरी की बोली से कोई फर्क नहीं पड़ा।
✨ नाम का चमत्कार:
‘कृष्ण नाम’ के प्रभाव से वह बकरी अमृत जैसा मीठा और बहुत सारा दूध देने लगी। देखते ही देखते उस गरीब किसान की दरिद्रता दूर हो गई और उसके घर में खुशहाली आ गई।
👑 राजमहल में प्रवेश:
एक दिन राजा के मंत्री की नज़र उस जादुई बकरी पर पड़ी। उस समय राजमाता अत्यंत बीमार थीं और राजगुरु ने कहा था कि निरंतर भगवान के नाम जप और सात्विक वातावरण से ही वे बच सकती हैं।
मंत्री की सलाह पर, राजा ने किसान को मुँहमांगी कीमत देकर वह बकरी राजमाता के लिए ले ली।
✨ नाम की महिमा:
अब वह बकरी राजमहल में राजमाता के पास बैठकर निरंतर “कृष्ण-कृष्ण” जपती। उस नाम के दिव्य प्रभाव और उसके दुग्ध पान से राजमाता पूरी तरह स्वस्थ हो गईं। उस एक मूक पशु की संगति से पूरा राजमहल ही कृष्णमय हो गया। *एक व्यक्ति के भ्रष्टाचार मुक्त रहने से उसका पुरा कुनबा इमानदार कहलाता है*
💡 सार:
जरा सोचिए! एक पशु, मात्र ‘कृष्ण नाम’ के प्रभाव से अपना ‘अहंकार’ (मैं) मिटाकर जंगल से सीधे राजमहल के सिंहासन तक पहुँच गया।
तो अगर हम विवेकशील इंसान होकर निरंतर श्रद्धा से कृष्ण नाम का जाप करें व भ्रष्टाचार मुक्त रहने की शपथ ले तो क्या हम इस भ्रष्टाचार रुपी सांसारिक भवसागर से पार नहीं हो जाएंगे? आवश्यकता है तो बस अपने अहंकार से परिपूर्ण भ्रष्टाचार को त्यागकर आराध्य की शरण लेकर भ्रष्टाचार मुक्त भारत के शपथ लेने की।
जय श्री कृष्ण! 🙏🌸
*पंडित ओम प्रकाश ओझा रतलामी मध्यप्रदेशाध्यक्ष व राष्ट्रीय संगठन मंत्री
राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक संघ भारत*

