शादीशुदा प्रेमिका के खौफ में दी जान…….
तस्वीर में नीले कोट पहने 25 साल का अभिषेक श्रीवास्तव है, जो एक पेंट कंपनी में इंजीनियर था।
वर्क फ्रॉम होम के चलते अपने घर से काम करता था।
पिता पेशे से वकील थे।
5 हजार स्क्वायर फीट के बड़े से घर पर विधवा मां और एक छोटी बहन, कुल तीन लोग ही रहते थे।
25 बीघा जमीन, पिता की 25 लाख की FD और खुद की बेहतरीन सैलरी के चलते अभिषेक की लाइफ़ स्टाइल बढ़िया थी।
जनवरी 2025 की सर्दियों में वो छत पर बैठकर गुनगुनी धूप में काम करता था।
इसी दौरान उसकी बातचीत घर के सामने रहने वाली 32 साल की शादीशुदा सोनल सिंह से शुरू हुई।
भौजी-भौजी करते करते, दोनों में अफेयर शुरू हो गया।
सोनल सिंह का पति अजीत एक ग्रामीण बैंक में कैशियर था।
अजीत के बैंक जाते ही दोनों मिलते। फोन से लेकर घूमने फिरने का सिलसिला जारी था।
जनवरी से लेकर जुलाई तक, अभिषेक ने सोनल को दो लाख की शॉपिंग करवा डाली और पांच लाख रुपए कैश तक दे डाले।
ये लव स्टोरी बेहतरीन तरीके से चल रही थी।
सोनल का पति अभिषेक से ऐसे मिलता, जैसे उसे कुछ मालूम ही नहीं चला।
फिर, सोनल के घर के पास कूड़ा फेंकने के चलते अभिषेक का विवाद हुआ।
इसके बाद सोनल और उसके पति ने अभिषेक को लपेटना शुरू कर दिया।
सोनल ने अभिषेक से स्पष्ट कहा कि अब तुम्हारी खैर नहीं।
दरअसल, पैसों के अलावा सोनल और उसके पति अजीत की नजरें अभिषेक की करोड़ों की प्रॉपर्टी पर भी थीं।
अजीत के कहने पर ही सोनल ने अभिषेक से प्यार का झूठा खेल खेला।
यही खेल अभिषेक को बाद में समझ आया। लेकिन, तब तक देर हो चुकी थी।
सोनल ने पुलिस से शिकायत की।
उसने कहा कि अभिषेक के पास मेरी गंदी फोटो हैं।
वो मुझे परेशान करता है।
मोलेस्ट करता है।
इस शिकायत के बाद अभिषेक को पुलिस ने जेल भेज दिया।
बहन और मां ने किसी तरह अभिषेक को जेल से निकलवाया।
इसके बाद सोनल और उसके पति अजीत ने अभिषेक से दस लाख रुपए की डिमांड की।
जेल जाने के बाद अभिषेक टूट चुका था।
उसे अपनी बेइज्जती बर्दाश्त नहीं हो रही थी।
उसने प्रेमानंदमहाराजजी को सुनना शुरू किया।
घर पर उनकी बड़ी तस्वीर तक लगा दी।
लेकिन, सोनल और उसके पति ने अभिषेक का जीना दुश्वार कर दिया।
इसके बाद अभिषेक ने अपने साथ घर रही चीजों को एक पन्ने में लिखा।
सोनल को दी गईं चीजों का एविडेंस निकाला।
प्रिंट आउट अपने कमरे में चिपकाए।
और फंदे पर लटककर जान दे दी।
इस केस के बाद सोनल और अजीत गिरफ्तार किए गए।
लेकिन…..
उनके चेहरे पर पश्चाताप की एक भी लकीर नहीं दिखी।
दोनों मुस्कुराते दिखे। ये पूरा केस यूपी के गोंडा जिले का है।

